Bhopal Crime: न्यू कबाड़खाना में बदमाशों का तांडव; 4 गाड़ियों में तोड़फोड़ का CCTV फुटेज वायरल, दो थानों में FIR
जीपीओ चौराहे पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब एक बजे विवाद के दौरान राड और डंडों से हमला किए जाने की बात सामने आई। समीर उर्फ गब्बर (33) गंभीर रूप...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 02:42:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 02:42:14 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- न्यू कबाड़खाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश में युवक पर हमला
- 15 से 20 बदमाशों ने तड़के चार गाड़ियों में तोड़फोड़ की
- शाहजहानाबाद और हनुमानगंज थाने में एफआईआर दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद रविवार तड़के जमकर उत्पात मचाया गया। न्यू कबाड़खाना इलाके में पहुंचे 15 से 20 युवकों ने घर के बाहर खड़ी चार गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।
वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना से पहले जीपीओ चौराहे पर चाय की दुकान में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
राड-डंडो से मारपीट
पुलिस के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब एक बजे जीपीओ चौराहे स्थित चाय की दुकान पर उमर, समीर और आलिन के बीच विवाद हो गया।
इस दौरान राड और डंडों से हमला किए जाने की बात सामने आई है। हमले में समीर उर्फ गब्बर (33) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
इसके बाद रविवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच 15 से 20 युवक न्यू कबाड़खाना पहुंचे। यहां उमर के घर के बाहर खड़ी चार गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट और अड़ीबाजी की भी जानकारी सामने आई है।
मामले में शाहजहानाबाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। वहीं, हनुमानगंज थाने में शहनाज पति शहजाद की शिकायत पर अड़ीबाजी और तोड़फोड़ का प्रकरण दर्ज किया गया है।
दोनों मामलों में अब तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर रही है।
रात एक बजे तक खुल रहीं दुकानें
जीपीओ चौराहे पर रात करीब एक बजे चाय की दुकान पर विवाद और इसके कुछ घंटे बाद न्यू कबाड़खाना में तोड़फोड़ की घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देर रात दुकानें खुली रहने और बदमाशों के बेखौफ घूमने के बावजूद पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? तड़के 15 से 20 युवकों का इलाके में पहुंचकर उत्पात मचाना भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठाता है।