
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पीपीपी मॉडल पर 450 करोड़ रुपये के बजट से भोपाल में विकसित विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन मवेशियों का ठिकाना बनता दिख रहा है। रेलवे प्रशासन की ओर से अति-सुरक्षित बताए जा रहे इस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सोमवार को दो भैंसें चहलकदमी करती देखी गईं। इसके कुछ घंटे बाद ही यहां पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक का दौरा हुआ।
सोमवार दोपहर बाद करीब 3.12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी थी। उसी दौरान दो भैंसें प्लेटफॉर्म पर घुस गईं। वे यात्रियों के बीच से घूमती रहीं। वहीं गोबर किया। यात्री असहज नजर आए। कई बचकर दूर से निकलते देखे गए। दावा है कि स्टेशन पर 160 हाईटेक कैमरों से नजर रखी जाती है।
सोमवार सुबह पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह रानी कमलापति स्टेशन पहुंचे थे। शाम करीब छह बजे उन्होंने लौटकर स्टेशन का निरीक्षण भी किया। जिस दिन स्टेशन की व्यवस्थाओं को परखा जाना था, उसी दिन दोपहर में प्लेटफॉर्म पर भैंसें घूमती मिलीं। इस रेलवे स्टेशन की परियोजना के महाप्रबंधक मोहित समैया ने कहा कि आरपीएफ थाने का गेट खुला रहने से भैंस स्टेशन पर पहुंच गई थीं, जिन्हें भगा दिया गया।
रेलवे की पुनर्विकास परियोजना के तहत इस स्टेशन के विकास कार्यों का लोकार्पण 15 नवंबर 2021 को हुआ था। इसका पुनर्विकास पारंपरिक रेलवे स्टेशन की तरह केवल प्लेटफॉर्म और भवन सुधारने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे हवाई अड्डे जैसी यात्री सुविधाओं, आधुनिक वास्तुशिल्प और मल्टीमॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया। केवल भवन पर ही 100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।