
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बारिश के दौरान रेलवे स्टेशनों और उनके आसपास होने वाले जलभराव से यात्रियों और स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए रेलवे अब ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने जा रहा है। भोपाल मंडल के रानी कमलापति (आरकेएमपी), भोपाल और निशातपुरा रेलवे स्टेशन के पास नया ड्रेनेज बनाया जाएगा।
यह काम यार्ड को बेहतर बनाने और वहां की जल निकासी व्यवस्था सुधारने की योजना का हिस्सा है। रेलवे ने इसके लिए 1 करोड़ 84 लाख 55 हजार रुपए की लागत तय की है। काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को नौ महीने का समय दिया जाएगा।
भोपाल में मानसून के दौरान तेज बारिश होने पर कई स्थानों पर पानी की निकासी प्रभावित होती है। रेलवे स्टेशन और यार्ड क्षेत्र में भी पानी जमा होने से यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने, बाहर निकलने और वाहनों से आवाजाही करने में परेशानी होती थी। कई बार जलभराव के कारण कीचड़ और गंदगी की स्थिति भी बनती है। ऐसे में ड्रेनेज बनने से बारिश के पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
आरकेएमपी और भोपाल स्टेशन शहर के प्रमुख यात्री केंद्र हैं, जबकि निशातपुरा स्टेशन से भी लगातार यात्रियों की आवाजाही बढ़ रही है। इन स्टेशनों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं। जल निकासी बेहतर होने से स्टेशन परिसर और आसपास के रास्तों पर पानी रुकने की समस्या कम होगी। इससे पैदल यात्रियों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
ड्रेनेज निर्माण का एक बड़ा फायदा रेलवे के यार्ड क्षेत्र को मिलेगा। पानी की निकासी बेहतर होने से लंबे समय तक नमी और जलभराव की स्थिति कम होगी। इससे ट्रैक के आसपास की जमीन, रेलवे की अन्य संरचनाओं और यार्ड की कार्यप्रणाली पर पड़ने वाला असर कम किया जा सकेगा। रेलवे का यह काम स्टेशन सुविधाओं के साथ-साथ पूरे रेल संचालन क्षेत्र की आधारभूत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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