श्रमिकों को लेकर आने वाली ट्रेनों को निशातपुरा व मिसरोद में रोकने की तैयारी
- अगले सप्ताह में महाराष्ट्र, दिल्ली व गोवा से आनी हैं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। दिल्ली, गोवा और महाराष्ट्र से मजदूरों को लेकर ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 05 May 2020 10:37:08 AM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2020 10:37:08 AM (IST)

- अगले सप्ताह में महाराष्ट्र, दिल्ली व गोवा से आनी हैं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। दिल्ली, गोवा और महाराष्ट्र से मजदूरों को लेकर आने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को निशातपुरा व मिसरोद स्टेशन पर रोकने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेनें आने वाले सप्ताह में भोपाल समेत अन्य जिलों में आनी हैं। इसे लेकर रेलवे बोर्ड और राज्य सरकार के बीच सहमति बन गई है। जिन प्रदेशों से ट्रेनें आनी हैं वहां मजदूरों की सूची तैयार की जा रही है। शनिवार सुबह पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन महाराष्ट्र के नासिक से भोपाल आ चुकी है।
प्रदेश के 35 हजार से अधिक मजदूर महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, गोवा, गुजरात जैसे राज्यों में फंसे हैं। इन मजदूरों को लाने के लिए राज्य सरकार ने रेलवे बोर्ड से 31 स्पेशल ट्रेनों की मांग की है। यह ट्रेनें संबंधित राज्यों से मजदूरों को लेकर आएंगी। इसकी तैयारियां चल रहीं हैं। भोपाल में महाराष्ट्र, गोवा, दिल्ली से स्पेशल ट्रेनें आनी हैं। इन्हें कहां रोका जाएगा, इसे लेकर स्थानीय प्रशासन रणनीति बना रहा है, क्योंकि प्रत्येक ट्रेनों में 1100 से अधिक मजदूर रहेंगे। इन मजदूरों को भोपाल, हबीबगंज जैसे रहवासी क्षेत्रों से सटे स्टेशनों में नहीं उतारने को लेकर विचार चल रहा है। ऐसे में इन ट्रेनों को निशातपुरा व मिसरोद स्टेशनों पर रोकने की तैयारी की जा रही है। पूर्व में महाराष्ट्र के नासिक से मजदूरों को लेकर आने वाली ट्रेन को भोपाल के बजाए मिसरोद में रोका गया था। भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्दीकी का कहना है कि अभी तक यह तय नहीं है कि कौन सी श्रमिक स्पेशल कब आनी है, लेकिन जब भी आएंगी तब उन्हें प्रशासन के कहने पर संबंधित स्टेशनों पर रोका जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार शाम तक भोपाल रेल मंडल के भोपाल, इटारसी, बीना से दूसरे राज्यों के लिए ट्रेनें चलाने की कोई सूचना नहीं मिली है।
यूपी के मजदूर हो रहे हैं परेशान
भोपाल समेत आसपास के जिलों में बाहर राज्य के कई मजदूर फंसे हुए हैं। ये अपने प्रदेश लौटना चाहते हैं लेकिन इनके लिए कोई ठोस इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। इसके चलते मजदूर परेशान हैं।