
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए किसानों का पंजीयन मंगलवार से प्रारंभ होगा। यह निशुल्क रहेगा और दस अक्टूबर तक चलेगा। पंजीयन के लिए 1100 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि निश्शुल्क पंजीयन की सुविधा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों के साथ सहकारी समितियों, सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों पर रहेगी। इसके अलावा एमपी आनलाइन कियोस्क, कामन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से भी पंजीयन कराया जा सकेगा।
इसके लिए प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। सिकमी या बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर होगा। इनका शत-प्रतिशत सत्यापन राजस्व विभाग करेगा।
उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता से किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान पंजीयन से पहले बैंक खाते और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराकर अपडेट रखें। पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर और आइएफएससी कोड देना होगा।
अक्रियाशील, संयुक्त तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खाते मान्य नहीं होंगे। पंजीयन के दौरान आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआइटी पोर्टल के माध्यम से एक रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाएगा।
पंजीयन और फसल बिक्री दोनों के लिए आधार सत्यापन जरूरी होगा। भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज किसान के नाम का आधार कार्ड के नाम से मिलान होना भी जरूरी है। नाम में अंतर होने पर तहसील कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा और सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।
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विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे आधार पंजीयन केंद्र सक्रिय रखें, ताकि किसान मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। किसानों को समय पर जानकारी देने के लिए पूर्व पंजीयन में उपलब्ध मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजे जाएंगे। ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर सूचना प्रदर्शित करने, गांवों में मुनादी (डोडी पिटवाने) तथा समितियों और मंडियों में बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।