
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस वर्ष पंजीयन व्यवस्था को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है, जिससे किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 160 रुपये बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप किसानों को 2,600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से 15 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष यह प्रोत्साहन राशि 175 रुपये थी।
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 3,186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों, सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं में किसान निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा, एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर भी पंजीयन की सुविधा रहेगी। निजी केंद्रों पर पंजीयन के लिए प्रति किसान अधिकतम 50 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, इससे अधिक राशि लेना दंडनीय होगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भुगतान के कड़े नियम तय किए हैं। उपार्जित गेहूं का भुगतान केवल उन्हीं बैंक खातों में किया जाएगा जो आधार से लिंक होंगे। पंजीयन के दौरान किसानों का आधार ओटीपी (OTP) या बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि अक्रियाशील (Inoperative), संयुक्त (Joint) और वॉलेट आधारित बैंक खाते मान्य नहीं होंगे। खाते की सक्रियता की जांच के लिए विभाग द्वारा एक रुपये का टेस्ट ट्रांजेक्शन भी कराया जाएगा।
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पंजीयन केंद्रों की संख्या बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का मुख्य उद्देश्य केंद्रों पर होने वाली भीड़ को रोकना और किसानों को उनके घर के समीप ही सुविधा उपलब्ध कराना है। मंत्री राजपूत के अनुसार, पंजीयन के समय भूमि संबंधी दस्तावेजों और बैंक विवरण का मिलान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।