
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल की समय-सीमा तय कर दी गई है, इसमें लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा संचालनालय ने राज्य केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (एससीपीपीसी) के तहत लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए क्रिएटर, वेरीफायर और एप्रूवर के स्तर पर कार्यों के निष्पादन की अधिकतम समय-सीमा (कार्य दिवस) निर्धारित की है।
दरअसल, पिछले दिनों की गई विभागीय अनुश्रवण एवं समीक्षा में पाया गया कि संभागीय और जिला कार्यालयों में एससीपीपीसी के अंतर्गत क्रिएटर, वेरीफायर और एप्रूवर स्तर पर पेंशन प्रकरणों के निराकरण में जरूरत से ज्यादा समय लगता है। कई स्तरों पर मामले लंबे समय से अनिर्णित रहते हैं, जो राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के बिल्कुल विपरीत है।
यह भी पढ़ें- एमपी पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल, अंशुमन यादव बने नए ADG इंटेलिजेंस, चंचल शेखर को खेल एवं युवा कल्याण की कमान
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे शासकीय सेवक जो आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनके पेंशन प्रकरणों की स्वीकृति वित्त विभाग के नियमों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। संचालक ने संबंधित अधिकारियों को भी इसके लिए निर्देशित किया है।
| कार्य निष्पादनकर्ता | नए प्रकरणों का निराकरण | पुनरीक्षित प्रकरणों का निराकरण | वेतन निर्धारण प्रकरणों का निराकरण |
| क्रिएटर | 05 कार्य दिवस | 04 कार्य दिवस | 05 कार्य दिवस |
| वेरीफायर | 05 कार्य दिवस | 03 कार्य दिवस | 03 कार्य दिवस |
| एप्रूवर | 05 कार्य दिवस | 03 कार्य दिवस | 03 कार्य दिवस |