
अंजली तोमर, नईदुनिया, भोपाल। नवंबर आते ही पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की चिंता सताने लगती है। खासकर बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनरों के लिए बैंक या पेंशन कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल होता है। अब ऐसे पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।
डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) के माध्यम से घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाया जा सकेगा। इसके लिए 70 रुपये शुल्क देना होगा और कोई अतिरिक्त डोरस्टेप चार्ज नहीं लगेगा। एक से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) 5.0 अभियान के तहत भोपाल संभाग में 150 पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों को जिम्मेदारी दी गई है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनर डाक विभाग की डोरस्टेप सेवा के टोल फ्री नंबर 155299 पर संपर्क कर सकते हैं। अनुरोध के 72 घंटे के भीतर पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक घर पहुंचकर स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस से सत्यापन करेगा। इसके लिए 70 रुपये शुल्क लगेगा। रेलवे और राज्य सरकार के पेंशनर भी लाभ ले सकते हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनने के बाद संबंधित पेंशन अथारिटी या बैंक के सर्वर पर जानकारी आनलाइन अपडेट हो जाती है। पेंशनरों को इसकी प्रति जमा करने बैंक या कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। प्रमाण पत्र की स्थिति जीवन प्रमाण पोर्टल https://jeevanpramaan.gov.in/v2.0/ppouser/login पर देख सकते हैं। इससे बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
यदि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनने और आनलाइन अपडेट होने के बावजूद पेंशन खाते में राशि आना बंद हो जाए, तो पेंशनर संबंधित जिला पेंशन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के बाद उसकी स्थिति आनलाइन जांच लेनी चाहिए, ताकि किसी तकनीकी समस्या या रिकार्ड संबंधी कमी का समय रहते पता चल सके।
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जो बुजुर्ग या अन्य पेंशनर पोस्ट आफिस, बैंक अथवा संबंधित कार्यालय तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से वे बिना लाइन में लगे और आने-जाने की परेशानी उठाए घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। अभियान का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना है।- शिवांशु कुमार, सीनियर सुप्रिडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस, भोपाल संभाग