
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत शहर के सभी वार्ड कार्यालयों में मंगलवार को जल सुनवाई हुई। इस पहल के माध्यम से अब आम जनता को पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उनके वार्ड स्तर पर ही समस्या का निराकरण किया जाएगा।
मंगलवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच आयोजित इस विशेष जल सुनवाई में बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक पहुंचे। अभियान की खास बात यह है कि नगर निगम के अफसर न केवल रहवासियों की शिकायतें सुन रहे हैं, बल्कि पेयजल की शुद्धता जांचने के लिए मुफ्त जल परीक्षण की सुविधा भी दे रहा है।
पहले ही दिन विभिन्न वार्डों से नागरिकों द्वारा 49 जल के नमूने संग्रहण हेतु दिए गए। प्राथमिक जांच और विभिन्न मानकों पर परीक्षण के बाद ये सभी नमूने सुरक्षित और मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। नागरिकों द्वारा दिए गए सैंपल्स की जांच 15 से अधिक मानकों पर की जा रही है, जिनमें मुख्य रूप से रंग, स्वाद, गंध और टरबीडिटी। पीएच मान, टीडीएस, क्लोराइड, कुल क्षारीयता, कैल्शियम और मैग्नीशियम कठोरता।
रेसिडुअल क्लोरीन के साथ-साथ ई-कोलाई और कोलीफार्म जैसे खतरनाक बैक्टीरिया की उपस्थिति की जांच को लेकर लोगों में जागरूकता देखी जा रही है।
निशातपुरा क्षेत्र में वार्ड 16 में बृज विहार कॉलोनी के रहवासी मंगलवार को आइएसबीटी स्थित निगम कार्यालय पहुंचे और पेयजल की समस्याओं को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। रहवासियों का कहना था कि निगम उन्हें यूनियन कार्बाइड का जहरीला पानी पीने को मजबूर कर रहा है।
निगम द्वारा जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री और अन्य रसायनों से दूषित जहरीला है, जिसे पीने के लिए वे मजबूर हैं। इसको लेकर वे कई शिकायतें कर चुके हैं। बावजूद इसके जल आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।
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इस दौरान लोग हाथों में पेयजल की समस्याओं से जुड़े बैनर पोस्टर भी पकड़े हुए थे। इन पोस्टरों पर "बृज विहार कॉलोनी को भागीरथपुरा बनाने की कोशिश बंद करो", "सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करो", "हमारे स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारे लिखे हुए थे।
प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। इस दौरान एक बच्ची "नगर निगम मत करो अत्याचार शुद्ध जल है हमारा भी अधिकार" स्लोगन लिखा पोस्टर पकड़े हुए थी।