केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा; मप्र से राज्यसभा सदस्य पद भी छोड़ा, PM मोदी को लिखा भावुक पत्र
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य डॉ. एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पांच पेज का पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद और उच्च सदन की सदस्यता से मुक...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 02:34:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 02:34:10 PM (IST)
राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया है। फाइल फोटोHighLights
- मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा
- मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट होगी खाली
- तमिलनाडु में संगठन मजबूत करने पर जोर
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पांच पेज का एक भावुक पत्र लिखकर मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारियों से मुक्त करने और उच्च सदन की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगी है।
साथ ही पत्र में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख किया है।
मप्र से मिला राज्यसभा में मौका
डॉ. एल. मुरुगन का मध्य प्रदेश की सियासत से गहरा और खास नाता रहा है। भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु के मूल निवासी होने के बावजूद मप्र से दो बार राज्यसभा में भेजा।
पहली बार सितंबर 2021 में हुए राज्यसभा उपचुनाव के दौरान मप्र से उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। इसके बाद दूसरी बार अप्रैल 2024 में भाजपा ने फिर से उन पर भरोसा जताया और मप्र के कोटे से ही दोबारा राज्यसभा में भेजा।
वह 20 फरवरी 2024 को निर्विरोध निर्वाचित हुए थे और केंद्र में राज्यमंत्री बनाए गए। राज्यसभा सदस्य का उनका यह कार्यकाल साल 2030 में समाप्त होने वाला था। उनका लगभग साढ़े तीन वर्ष का कार्यकाल बाकी था।
राज्यसभा सीट होगी खाली, होगा उप चुनाव
डॉ. एल मुरुगन के इस अचानक इस्तीफे के बाद अब मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट खाली हो जाएगी, जिस पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही उपचुनाव कराया जाएगा।
बता दें कि मप्र में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिनमें से दो कांग्रेस और आठ भाजपा के पास है। इसी वर्ष जून में हुए उप चुनाव में भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में संगठन को करना चाहते हैं मजबूत
मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले डॉ. एल.मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी की हालिया तमिलनाडु यात्रा के दौरान लोगों का जो भारी उत्साह और स्नेह दिखा, उसने उन्हें वापस जमीन पर जाकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने और संगठन का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया है।