
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रातीबड़ में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि उसकी एजेंसी में काम करने वाले 25 केयरटेकर में से किसी का भी पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था।
हत्या का आरोपित वरुण कुमार भी इसी एजेंसी के माध्यम से अग्रवाल के यहां काम करने पहुंचा था। वह अगस्त में भी एजेंसी के जरिए काम कर चुका था, लेकिन उस समय भी उसका सत्यापन नहीं कराया गया था।
पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय अखिलेश वर्मा मूल रूप से सीहोर जिले के बिलकिसगंज का रहने वाला है। वर्तमान में वह बागसेवनिया क्षेत्र में रहता था और वहीं वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी संचालित करता था। उसने मई 2026 में एजेंसी शुरू की थी। मामले की जांच कर रहे एसआइ गब्बर सिंह ने बताया कि अखिलेश ने तीन से चार केयरटेकर का सत्यापन कराने का दावा किया है, लेकिन अब तक वह इससे संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर सका है। पुलिस उसके दावे की जांच कर रही है। सत्यापन में लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
रातीबड़ के सूरज नगर क्षेत्र में 29-30 सितंबर की रात केयरटेकर वरूण कुमार ने रिटायर्ड आइएएस राकेश अग्रवाल (72) की गला रेतकर हत्या कर दी थी। आरोपित ने सोते समय धारदार ब्लेड से उनका गला काट दिया था और घर से मोबाइल, सोना, नकदी लूट ले गया था। साथ ही उसने घर में धमाका करने रेगुलेटर से गैस चालू कर दिया था और उसके ऊपर प्रेस भी रख दी थी।
हत्या के मामले में पुलिस अब तक आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वरुण ग्वालियर का रहने वाला है और पंजाब में रहने वाली अपनी बहन के पते पर दस्तावेज बनवाए थे। हत्या के बाद वह भोपाल रेलवे स्टेशन से आगरा भागा था पूर्व आइएएस का मोबाइल दोस्त को दिया था। आरोपित की तलाश में पुलिस की 15 टीमें सप्ताह भर तक अलग-अलग ठिकानों में डेरा डाले रहीं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
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