
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड को सात दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी वरुण कुमार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के लगातार ठिकाने बदलने के कारण पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक हलचल तेज है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब के प्रमुख शहरों में तस्वीरों के साथ पोस्टर लगाने जा रही है।
हत्याकांड की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच और पुलिस की चार विशेष टीमों के करीब 50 जवान मध्य प्रदेश के ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन तथा पंजाब के पटियाला में लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपी की सटीक पहचान और जानकारी जुटाने के लिए उसके पिता राजकुमार बाल्मीकि को भी साथ रखा है। पिता द्वारा बताए गए वृंदावन के तीन संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी चकमा देकर भागने में सफल रहा। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
मामले की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे डीजीपी और पुलिस कमिश्नर रोजाना जांच का अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा डीजीपी कैलाश मकवाना को सख्त कार्रवाई और जल्द खुलासे के निर्देश दिए जाने के बाद तफ्तीश तेज कर दी गई है। पुलिस अब तक 80 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है और इलाके के 1,000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्या के पीछे का असली मकसद मुख्य आरोपी वरुण की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस जांच तीन मुख्य पहलुओं पर केंद्रित है...
पुलिस का पूरा फोकस फिलहाल आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने पर है, जिसके लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा गया है।
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