
अंजली राय। भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अब इंजीनियरिंग के विद्यार्थी अंग्रेजी के बदले हिंदी में भी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए हिंदी भाषा में इंजीनियरिंग की किताबें तैयार की जा रही है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) की ओर से 12 भाषाओं में इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम की किताबें तैयार करवाया जा रहा है। इसमें राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को हिंदी भाषा में किताब तैयार करने के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है।
विभिन्न ब्रांचों के द्वितीय वर्ष की डिप्लोमा व स्नातक स्तर की 88 किताबों को अंग्रेजी से हिंदी भाषा में अनुवाद किया जा रहा है। इसके लिए आरजीपीवी ने 364 विशेषज्ञों की टीम बनाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पिछले साल से हिंदी में इंजीनियरिंग की किताबें तैयार की जा रही हैं। इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष की पाठ्यक्रम की 20 किताबें तैयार कर ली गई हैं।
आरजीपीवी ने हिंदी में प्रश्न-बैंक भी तैयार किया है। इसका फायदा ऐसे विद्यार्थियों को मिल रहा है, जो मुख्य रूप से हिंदी माध्यम के हैं। इन विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान अंग्रेजी में प्रश्नपत्र हल करने में समस्या आती थी। वर्तमान में विवि की परीक्षाओं में बीटेक और बी व डी फार्मा के प्रश्नपत्र हिंदी में भी दिए जाते हैं।
विवि स्टूडेंट लर्निंग असेसमेंट प्रोजेक्ट (एएसएलएपी) के तहत प्रश्न बैंक को तैयार किया जा रहा है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी सेवानिवृत व कार्यरत फैकल्टी को दिया गया है। प्रश्न बैंक बनाने की जिम्मेदारी उस फैकल्टी को दी जाएगी, जिसे हिंदी के बेहतरीन ज्ञान के साथ संबंधित विषय की पकड़ हो। साथ ही वे अनुवाद का काम भी कर सकते हैं।
पिछले साल प्रथम वर्ष की किताबें तैयार की गई थीं। इस साल द्वितीय वर्ष की किताबें भी हिंदी में तैयार की जा रही हैं।
शशि रंजन अकेला, जनसंपर्क अधिकारी, आरजीपीवी