सावधान! आपको लग सकता है करंट... भोपाल के वीआईपी रोड से राजभवन तक पोल में दौड़ रही मौत, पढ़ें 'नईदुनिया' की पड़ताल
नईदुनिया की पड़ताल में शहर के 132 स्ट्रीट लाइट पोल जांचे गए। 59 पोल में सर्किट वाला हिस्सा खुला था और किसी में भी अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर नहीं मिला।
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 12:08:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 12:08:08 PM (IST)
भोपाल में स्ट्रीट लाइट के लिए लगाए पोल में इस तरह करंट दौड़ रहा है। नईदुनिया टीम।HighLights
- नईदुनिया की पड़ताल में शहर के 132 स्ट्रीट लाइट पोल जांचे गए
- जांच में 59 में ब्रेकर नहीं मिला, 52 के निचले हिस्से खुले मिले
- ब्रेकर बदलने के बजाय केबल के तार सीधे जोड़कर टेप लगाया गया
नमन मिश्रा/ अनुज मैना, नईदुनिया, भोपाल । स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद नगर निगम की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। नईदुनिया की पड़ताल में शहर के स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं।
हमने शहर के अलग अलग क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट के 132 खंभों की जांच की। इसमें कुल 59 खंभों के सर्किट वाला हिस्सा खुला हुआ था। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से किसी भी खंभे में अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर नहीं हुआ था, जिससे केबल के तार को खंभे में टच होने से फैलने वाले करंट को रोका जा सके।
शहर में 68 हजार स्ट्रीट लाइट खंभें
पूरे शहर में नगर निगम के करीब 68 हजार स्ट्रीट लाइट खंभें हैं, जिनमें विद्युत लीकेज से सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (सीएलसीबी/आरसीसीबी) की स्थिति संदेह के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार, अधिकांश खंभों में यह सर्किट ब्रेकर लगा ही नहीं है। कई जगह तो यह सर्किट ब्रेकर चोरी हो चुके हैं और कई जगह एक सर्किट ब्रेकर के खराब होने के बाद निगम की विद्युत शाखा के अमले ने नया सर्किट लगाने की जगह उसे निकालकर फेंक दिया और केबल के तारों को सीधे जोड़कर ऊपर से टेप लगा दिया। हालांकि, इस टेप से भी कई जगह केबल के तार बाहर निकले हुए हैं, जिनसे बिजली दौड़ रही है।
वीआइपी रोड : 52 में सर्किट ब्रेकर नहीं
रेतघाट तिराहे से करबला तक 124 खंभों की पड़ताल की गई। इनमें से 52 खंभों में नीचे का हिस्सा खुला हुआ था और किसी में भी सर्किट ब्रेकर नहीं मिला। वहीं, 72 खंभों के नीचे का हिस्सा बंद होने से उनमें सर्किट ब्रेकर की जांच नहीं हो सकी।
सड़क किनारे लगे इन पोल के आसपास लगातार लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में विद्युत लीकेज की स्थिति में सुरक्षा उपकरण का काम करना बेहद जरूरी है।
राजभवन के पास : सात पोल में बाहर निकली केबल
मिंटो हाल के गेट से मछलीघर तिराहे तक आठ स्ट्रीट लाइट खंभों की जांच की गई। इनमें सात खंभों से केबल बाहर निकली हुई थी और किसी में भी सर्किट ब्रेकर नहीं लगा था। एक खंभे के सर्किट वाला हिस्सा बंद था, इसलिए उसकी जांच नहीं की जा सकी। यह क्षेत्र राजभवन के पास है और यहां भी खंभों की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी मिली।
अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर क्या है?
अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर विद्युत सुरक्षा का महत्वपूर्ण उपकरण है, जो स्ट्रीट लाइट पोल के निचले हिस्से में लगाया जाता है। विद्युत लाइन में लीकेज होने या करंट का कुछ हिस्सा जमीन की ओर जाने पर यह तुरंत सप्लाई ट्रिप कर देता है।
इससे पोल की बाडी में करंट आने और उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को करंट लगने का खतरा कम होता है। बारिश और नमी के दौरान इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।
अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर स्ट्रीट लाइट के खंभों के निचले हिस्से में लगा महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। यदि विद्युत तार पोल के किसी हिस्से के संपर्क में आ जाए और करंट लीकेज हो, तो यह तुरंत बिजली की आपूर्ति बंद कर देता है। कई बार सर्किट ब्रेकर खराब होने पर मरम्मत करने वाले कर्मचारी इसे बदलने के बजाय निकालकर सीधे तार जोड़ देते हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था खत्म हो जाती है और खंभों में करंट आने का खतरा बढ़ जाता है। सुरक्षा के लिए सही अर्थिंग और सुरक्षित वायरिंग भी जरूरी है। सभी खंभों में सर्किट ब्रेकर व अर्थिंग की नियमित जांच होनी चाहिए।- डॉ. संजीव सिंह, प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैनिट
शहर के स्ट्रीट लाइट के सभी खंभों की जांच कराई जा रही है। जहां भी कमियां मिल रहीं हैं उन्हें तत्काल सुधारा जा रहा है। - संस्कृति जैन, आयुक्त, भोपाल नगर निगम