
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दतिया में पदस्थ आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की हत्या और उसके बाद पवन द्विवेदी द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले में पुलिस अब रिश्तों की परतें टटोलने में जुट गई है।
मंगलवार को भोपाल में पवन के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि मीनाक्षी का अंतिम संस्कार इंदौर में कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर और नए एंगल सामने लाकर खड़े कर दिए हैं, जो पुलिस की जांच को एक नई दिशा दे रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि पवन के परिवार को इस बात की बिल्कुल भनक नहीं थी कि वह मीनाक्षी के साथ रह रहा था। स्वजनों को केवल दोनों के बीच जान-पहचान होने की जानकारी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पवन इस रिश्ते की बात को लेकर अकेले ही मीनाक्षी के पिता के पास पहुंचा था, जिससे दोनों के बीच किसी प्रकार के तनाव या पारिवारिक खींचतान की आशंका को बल मिलता है।
पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर रविवार रात ऐसा क्या हुआ कि बात इतनी बढ़ गई। घटनास्थल पर मौजूद मीनाक्षी की दोस्त और बच्ची की केयरटेकर कृतिका के शुरुआती बयानों से यह बात सामने आई है कि घर में दो कूलर चल रहे थे, जिनकी आवाज के कारण अंदर की आहट बाहर नहीं आ सकी। हालांकि, कृतिका के आधिकारिक बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं, जो इस गुत्थी को सुलझाने में अहम साबित हो सकते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि मीनाक्षी की हत्या सिर पर अचानक हथौड़े से वार करके की गई थी। हत्या से पहले उसके साथ किसी प्रकार की शारीरिक झूमाझटकी या मारपीट के निशान शरीर पर नहीं मिले हैं, जो यह इशारा करता है कि हमला अचानक और बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जब्त कर लिए हैं, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से ठीक पहले उनकी क्या बातचीत हुई थी।
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