MP में अस्पतालों के आउटसोर्स कर्मियों का वेतन 6 महीने से अटका, आंदोलन की चेतावनी
संघ ने लंबित वेतन जारी करने और कथित रूप से शोषण करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारी काम बंद कर सड़क पर उतरेंगे।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 12:22:34 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 12:22:34 PM (IST)
प्रतीकात्मक, एआई से तैयार फोटो।HighLights
- कई जिलों में दो से छह महीने से वेतन लंबित
- दवाइयों, बच्चों की फीस और किराए के लिए भी पैसे नहीं
- वेतन नहीं मिला तो काम बंद करने की चेतावनी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश त्योहारों की खुशियों में डूबा है, लेकिन अस्पतालों में दिन-रात सेवा करने वाले आउटसोर्स कर्मियों के घरों में चूल्हा जलना दूभर हो गया है। कई जिलों में दो से छह महीने से वेतन नहीं मिला है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि अस्पतालों की रीढ़ कहे जाने वाले कर्मी मरने को मजबूर हैं। अधिकारियों और एजेंसियों की कमीशनखोरी से वेतन अटका है।
कई जिलों में कर्मचारी परेशान
नीमच में छह माह, छिंदवाड़ा में पांच माह, सागर, बैतूल, ग्वालियर और उमरिया में चार माह, सिवनी मालवा में तीन माह और कटनी में दो माह से वेतन ठप है।
आंदोलन की मजबूरी
कर्मचारियों के पास दवाइयों, बच्चों की फीस और मकान किराए तक के पैसे नहीं हैं। त्योहार पर बच्चे खाली पेट आंसू बहा रहे हैं। संघ ने रुका वेतन जारी करने और शोषक एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। एक सप्ताह में वेतन नहीं मिला तो कर्मी काम बंद कर सड़कों पर उतरेंगे।