सफाई कर्मचारी के सात माह का वेतन अटका, विभाग ने पल्ला झाड़ा
मप्र फार्मेसी काउंसिल में एक अस्थायी सफाईकर्मी के सात माह का वेतन बकाया होने का मामला सामने आया है। संघ ने श्रम विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 19 Nov 2025 09:50:38 AM (IST)Updated Date: Wed, 19 Nov 2025 09:50:38 AM (IST)
मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल का मामला। (फाइल फोटो)HighLights
- सफाईकर्मी का सात माह का वेतन बकाया।
- संघ ने श्रम विभाग को पत्र भेजा।
- विभाग ने कर्मचारी के अस्तित्व से इंकार किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में एक अस्थायी सफाई कर्मचारी के सात माह से वेतन न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है।
अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी कल्याण संघ, जिला शाखा भोपाल ने श्रम आयुक्त और जिला श्रम अधिकारी को पत्र भेजकर तत्काल भुगतान दिलाने की मांग की है। संघ का कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने से कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है और विभागीय अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं।
कर्मचारी का दावा- छह माह का वेतन अब भी बकाया
संघ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अस्थायी सफाई कर्मचारी वीरेंद्र कुमार ने अगस्त 2024 से जनवरी 2025 तक काउंसिल में काम किया। उसे सिर्फ एक माह का वेतन दिया गया, जबकि बाकी छह माह का भुगतान आज तक नहीं किया गया। कर्मचारी की मां का भी इसी अवधि का एक माह का वेतन बकाया बताया गया है। वेतन न मिलने से दोनों परिवारों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया और बाद में उनकी मां का निधन भी हो गया।
विभाग का दावा- ऐसा कोई कर्मचारी कार्यरत ही नहीं
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर हुई जांच में विभाग ने पूरी बात से इंकार कर दिया है। विभाग का कहना है कि वीरेंद्र कुमार नाम का कोई कर्मचारी कार्यालय में कार्यरत नहीं है और पिछले नौ माह से जया देवी परिचारिका का कार्य देख रही हैं। विभागीय जवाब और संघ के आरोपों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
संघ की मांग- तत्काल जांच और वेतन भुगतान
संघ ने श्रम विभाग से अनुरोध किया है कि मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारी को उसका बकाया वेतन दिलाया जाए। मामला फिलहाल जांच में है और संघ ने इसे श्रमिकों के हक से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताया है।