
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली से ठीक पहले राजधानी सहित प्रदेश के कई शहरों की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नगरीय निकायों के दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया। इसके बाद राजधानी के किसी वार्ड में झाड़ू तक नहीं लगा। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख बाजारों तक कचरे के ढेर लग गए। डोर-टू-डोर कचरा वाहन नहीं पहुंचे तो लोगों और व्यापारियों को खुद कचरा हटाना पड़ा।
राजगढ़ सहित जिले के सभी 14 नगरीय निकायों में सफाईकर्मी बुधवार को काम पर नहीं आए। वहीं विदिशा नगर पालिका के सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए। इस कारण शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। घरों से डोर-टू-डोर कचरा भी नहीं उठाया गया।
नर्मदापुरम, रायसेन जिले के गैरतगंज और अशोकनगर जिले के शाढौरा नगर परिषद में हड़ताल रही। हड़ताल के कारण भोपाल नगर निगम के 800 से अधिक कचरा वाहनों के पहिए थम गए। प्रदेश के अन्य निकायों में भी हड़ताल की सूचना है।
दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों की मांग है कि उनको भी सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति, न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने और सभी कर्मचारियों को स्थायी कर ठेका व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी प्रमुख है।
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