
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर के आसपास की बस्तियों और मोहल्लों में इलाज की सुविधा देने वाली संजीवनी क्लीनिक में अब डॉक्टरों की कमी कुछ कम होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने डॉक्टरों को संविदा चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है। यह आदेश मिशन संचालक ने जारी किए हैं। इन डॉक्टरों का चयन अगस्त में हुए वॉक-इन-इंटरव्यू के बाद साक्षात्कार के जरिए हुआ है और अब इन्हें तय जगहों पर जाकर काम संभालना है।
इसमें डॉ. आयुष तिवारी को अनूपपुर जिले के कोतमा में पदस्थ किया गया है, वे कोतमा वार्ड-तीन, पुरानी सीएचसी के सामने वाली क्लीनिक में बैठेंगे। डॉ. अभिषेक दीक्षित को डिंडौरी की जिम्मेदारी मिली है, वह पुरानी डिंडौरी वार्ड-14 क्लीनिक में सेवाएं देंगे। डॉ. अनुभूति देव को नीमच भेजा गया है, वह आंबेडकर कॉलोनी स्कूल ग्राउंड स्थित क्लीनिक में मरीज देखेंगे और डॉ. प्रलय राज बोपचे को सिवनी में पदस्थ किया गया है, वे वार्ड-13, शहीद वार्ड वाली क्लीनिक में काम करेंगे।
यह नियुक्ति 31 मार्च 2027 तक के लिए है। आदेश मिलने के 15 दिन के अंदर अपनी क्लीनिक पर जॉइन करना होगा और अगर समय पर नहीं पहुंचे तो नियुक्ति अपने आप खत्म मानी जाएगी। जॉइनिंग ऑनलाइन एचआरएमआईएस पोर्टल से होगी।
पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मूल कागजों से मिलान कर सत्यापन करेंगे और अस्थायी प्रमाण-पत्र से काम नहीं चलेगा। जिस क्लीनिक में नाम आया है, वहीं काम करना होगा। कहीं और अटैचमेंट नहीं होगा और दो साल तक ट्रांसफर भी नहीं होगा।
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एक शर्त और है कि अगर कोई डॉक्टर 15 दिनों में जॉइन नहीं करता या जॉइन करने के छह महीने के अंदर नौकरी छोड़ देता है, तो अगले छह महीने तक वह एनएचएम की किसी भी संविदा नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा।
जॉइन करने से पहले जिला मेडिकल बोर्ड से फिटनेस जांच करानी होगी, फिट होने पर ही नियुक्ति पक्की मानी जाएगी। डॉक्टरों को अपनी पदस्थापना वाली जगह पर ही रहना होगा और रोज सार्थक ऐप पर हाजिरी लगानी होगी।