MP Farmers Protest: किसान आंदोलन के कारण भोपाल में कई रास्तों पर नो एंट्री, स्कूलों की छुट्टी; जाम से शहवासी परेशान
Madhya Pradesh Farmers Protest: किसान आंदोलन के चलते 29 जुलाई को भोपाल के कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया।
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 09:05:07 AM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 12:25:31 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।HighLights
- किसान आंदोलन के चलते 29 जुलाई को भोपाल के कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया
- नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स और एमपी नगर सहित कई क्षेत्रों में सुबह स्कूलों से छुट्टी का संदेश भेजा गया
- किसान आंदोलन के कारण यातायात व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह फैसला लिया
डिजिटल डेस्क, भोपाल। किसान आंदोलन के चलते भोपाल में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन की ओर से यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। सुबह करीब 5 बजे से ही स्कूलों ने अभिभावकों को संदेश भेजकर जानकारी दी कि आज छात्रों के लिए स्कूल बंद रहेंगे।
नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, एमपी नगर सहित कई क्षेत्रों के स्कूलों ने छुट्टी की घोषणा की। हालांकि, कुछ अभिभावक संदेश मिलने से पहले ही बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए, जहां से उन्हें वापस लौटना पड़ा।
अपर कलेक्टर सुमित पाण्डेय ने बताया कि किसान आंदोलन (Bhopal Kisan Andolan) और संभावित यातायात व्यवधान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को असुविधा से बचाया जा सके।
मंगलवार को पूरे शहर में लगा रहा जाम
मंगलवार को मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने उन्हें आरआरएल तिराहा के पास रोक दिया, लेकिन इसके बाद नर्मदापुरम रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लग गया।
दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ ट्रैफिक जाम रात करीब दस बजे तक जारी रहा। सबसे अधिक परेशानी नर्मदापुरम रोड से लगी करीब 150 कॉलोनियों के रहवासियों, कार्यालय से लौटने वाले कर्मचारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को उठानी पड़ी। कई लोगों को अपने वाहन बीच रास्ते छोड़कर पैदल घर जाना पड़ा।
प्रशासन को आंदोलन की पूर्व जानकारी होने के बावजूद ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया में लगाए गए बैरिकेड किसानों को रोक नहीं सके। प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाते हुए आरआरएल तिराहा तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि बल प्रयोग नहीं किया गया।