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हरदा में आंदोलन कर रहे कई किसान नजरबंद, भोपाल कूच करने से पहले ही पुलिस ने रोका, विरोध में किया हनुमान चालीसा का पाठ

शत प्रतिशत मूंग खरीदी करने और खाद के लिए ई-टोकन की बाध्यता खत्म करने की मांग को लेकर जा रहे सैकड़ों किसानों को पुलिस ने जगह-जगह रोक दिया।

By vijaykumar vishnoiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 06:11:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 06:11:03 PM (IST)
हरदा में आंदोलन कर रहे कई किसान नजरबंद, भोपाल कूच करने से पहले ही पुलिस ने रोका, विरोध में किया हनुमान चालीसा का पाठ
अस्थाई जेल बनाकर किसान नेता बंद।

HighLights

  1. किसान आंदोलन पर पुलिस की सख्ती
  2. बैरिकेड्स लगाकर रोकीं कई गाड़ियां
  3. अस्थाई जेल बनाकर किसान नेता बंद

नवदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। शत-प्रतिशत मूंग खरीदी करने और खाद के लिए ई-टोकन की बाध्यता खत्म करने के लिए किसानों का आंदोलन जारी है। इसी क्रम में सोमवार को जिले के किसान नेताओं और किसानों को नर्मदापुरम जाते समय पुलिस ने जगह-जगह रोक दिया। बैरिकेड्स लगाकर किसानों की कारों को आगे नहीं जाने दिया गया। नाराज किसान सड़क पर भी विरोध करने बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।

इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा 20 से 25 किसान नेताओं व किसानों को जिला मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर दूर कड़ोला गांव के पास एक गार्डन में अस्थाई जेल बनाकर नजरबंद कर दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। नजरबंद किसानों के लिए पुलिस बल तैनात किया हुआ है।


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नर्मदापुरम से पैदल भोपाल कूच का आंदोलन नाकाम

किसानों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की जाए तथा खाद वितरण के लिए ई-टोकन की बाध्यता खत्म की जाए। सोमवार को हरदा जिले के किसान नर्मदापुरम जा रहे थे। नर्मदापुरम से अन्य किसानों के साथ पैदल भोपाल कूच करने की योजना थी।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के 13 किसान संगठनों द्वारा आंदोलन में शामिल होने के लिए हरदा से बड़ी संख्या में किसान कारों से नर्मदापुरम के लिए रवाना हुए थे, लेकिन पुलिस ने अबगांव खुर्द के पास बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया।

इसी तरह टिमरनी पुलिस ने नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर नर्मदापुरम और हरदा जिले की सीमा स्थित गंजाल नदी के पुल पर रास्ता रोक दिया। नर्मदापुरम शहर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही पुलिस

किसान नेता राजेश गुर्जर ने कहा कि सरकार एक एकड़ में केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीद रही है, जबकि किसानों की मांग है कि उनकी पूरी उपज की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय आंदोलन रोकने का प्रयास कर रही है।

किसान नेता राम इनानिया ने कहा कि किसानों की योजना नर्मदापुरम पहुंचकर अन्य जिलों के किसानों के साथ पैदल भोपाल जाने और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की थी। किसान नेता पवन विश्नोई व बसंत सारन ने सरकार पर किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक शत-प्रतिशत मूंग खरीदी का निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

किसानों को समझाइश दी है

टिमरनी एसडीएम शैलेंद्र बड़ोले ने कहा कि किसानों के आंदोलन के दौरान नर्मदापुरम में ज्यादा भीड़ न हो, इसलिए हरदा के किसानों को समझाइश दी है। किसानों से कहा गया है कि नर्मदापुरम में उनके किसान साथी हैं, वे अपनी बात रख देंगे। आप वहां जाओगे तो और ज्यादा भीड़ बढ़ेगी और जाम की स्थिति निर्मित होगी। इसलिए उनको यहां से हटा दिया गया है। किसानों को पूरी सुविधा के साथ पुलिस हिरासत में लिया है। हम किसानों के विरोध में नहीं हैं। उनकी बात रखने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी नर्मदापुरम में मौजूद हैं।

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