
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कलियासोत और भोज वेटलैंड क्षेत्र में पौधरोपण के लिए जमीन तैयार करने के नाम पर कथित तौर 700 पेड़ काट दिए और उनके बचे हिस्से को जेसीबी की मदद से उखाड़ दिया था। इस मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने वन विभाग और सामाजिक वानिकी को काटे गए पेड़ों की संख्या से 10 गुना यानी 7000 पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पौधारोपण का काम 30 सितंबर तक पूरा कर और इसकी कार्रवाई रिपोर्ट फोटो सहित पेश करने को कहा गया है।
याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना की याचिका पर मंगलवार को एनजीटी में आवेदक की ओर से बताया गया कि 700 से अधिक पेड़ों की कटाई की गई है। इसके लिए आवश्यक राशि राजस्व विभाग में जमा किए जाने के बावजूद अब तक पौधारोपण नहीं हुआ है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस वर्षा ऋतु में पौधरोपण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
संबंधित अधिकारियों ने ट्रिब्यूनल को बताया कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण पौधारोपण में देरी हुई। बजट आवंटित होने के बाद पौधरोपण की तैयारी पूरी कर ली गई है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले पौधरोपण नहीं हो सका।
एनजीटी ने 700 पेड़ों की कटाई को देखते हुए वन विभाग और सामाजिक वानिकी विभाग से कहा कि उन्हें 10 गुना यानी 7000 पौधे लगाने होंगे। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि इसे प्रतिपूरक पौधरोपण के रूप में किया जाए और पौधों का 100 प्रतिशत सर्वाइवल सुनिश्चित किया जाए। अन्य बिंदुओं पर जवाब दाखिल होने के बाद अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।
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