नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । राजधानी सहित प्रदेश के 10 जिलों में शत्रु संपत्तियों का बाजार दर पर मूल्यांकन होगा। राज्य सरकार ने इसकी कवायद तेज कर दी है। इनकी पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और बाजार मूल्यांकन की प्रक्रिया को 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद रिकॉर्ड की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई और नीलामी की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
10 जिलों के कलेक्टर करेंगे जांच
भोपाल में करीब 1395 एकड़ में पसरी संपत्ति जांच के दायरे में हैं, जिला प्रशासन ने पड़ताल शुरू कर दी है। मालूम हो, सोमवार को मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए भोपाल, जबलपुर, मंडला, सिवनी, सतना, कटनी, बैतूल, सीहोर, रतलाम और डिंडौरी के कलेक्टरों की बैठक हुई।
इसमें मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 31 अक्टूबर तक शत्रु संपत्ति की पहचान कर सूचीबद्ध किया जाए और बाजार दर से मूल्यांकन किया जाए। इससे अगली बैठक में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।
बाजार भाव और सरकारी गाइडलाइन का होगा मिलान
प्रशासन को संपत्तियों का मूल्यांकन प्रचलित बाजार दर और पंजीयन विभाग की दरों का मिलान करके करना है। इसके लिए राजस्व अभिलेखों, मौके की स्थिति, स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और संपत्तियों पर मौजूद निर्माण की जांच की जाएगी।
यह भी सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित संपत्ति वास्तव में शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आती है या निष्क्रांत संपत्ति है। दोनों श्रेणियों की कानूनी स्थिति अलग होने के कारण दस्तावेजों का सत्यापन अहम होगा।
डिजिटल मैपिंग से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग, ई-मैपिंग और रिमोट सेंसिंग के जरिए भी जानकारी जुटाई जाएगी। प्रशासन को यह पता लगाना है कि कितनी जमीन पर अतिक्रमण है, कहां विवाद चल रहे हैं और किन संपत्तियों को नियमानुसार नीलामी के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
पात्र संपत्तियों को कस्टोडियन ऑफ एनीमी प्रापर्टी फॉर इंडिया के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार की जाएगी।
भोपाल की संपत्ति जांच के दायरे में
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक भोपाल शहर में करीब 1395 एकड़ जमीन शत्रु संपत्ति स्थित होने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन इसकी पुष्टी जांच के बाद ही हो सकेगी। इनमें रियाज मंजिल, दो बड़े होटल, नानी की हवेली, फ्लैग स्टाफ, दुकानें, बंगले, किले, कोठी सहित अन्य शामिल हैं।