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SIR in MP: भोपाल में 1.16 लाख 'नो मैपिंग' वोटर्स की जांच तेज, 85 हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन 4,500 दावों का निपटारा

SIR Process: राजधानी भोपाल में मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए एसआइआर (SIR) प्रक्रिया के तहत 'नो मैपिंग' श्रेणी में आए मतदाताओं की सुनवाई तेज कर...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 09:48:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 09:48:10 PM (IST)
SIR in MP: भोपाल में 1.16 लाख 'नो मैपिंग' वोटर्स की जांच तेज, 85 हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन 4,500 दावों का निपटारा
भोपाल में 1.16 लाख 'नो मैपिंग' वोटर्स की जांच तेज।

HighLights

  1. सात विधानसभा क्षेत्र में 1.16 लाख मतदाताओं का किया जा रहा सत्यापन
  2. नगर निगम के 85 वॉर्ड कार्यालयों में हेल्प डेस्क पर AEROकर रहे सुनवाई
  3. 2003 के रिकॉर्ड के आधार पर बीएलओ को मिले है मैपिंग के अधिकार

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल में मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए एसआइआर (SIR) प्रक्रिया के तहत 'नो मैपिंग' श्रेणी में आए मतदाताओं की सुनवाई तेज कर दी गई है। जिले के सभी वार्ड कार्यालयों, एसडीएम और तहसील स्तर पर कुल 85 हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। यहाँ उन 1,16,925 मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिनका स्वयं का या उनके परिजनों का रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिल पाया था।

प्रयागराज के रिकॉर्ड से हुई मैपिंग

सुनवाई के दौरान दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नयाबसेरा की निवासी सुनीता यादव का मामला सामने आया। सुनीता ने बताया कि उनके पति का नाम तो मैप हो गया था, लेकिन उन्हें 'नो मैपिंग' का नोटिस थमाया गया। उनकी दो बहनें प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में रहती हैं, जिनकी मैपिंग पिता के 2003 के डाटा से हो चुकी थी। गुरुवार को शास्त्री नगर सामुदायिक भवन स्थित हेल्प डेस्क पर सुनीता ने अपने पिता के 2003 के रिकॉर्ड पेश किए, जिसके आधार पर बीएलओ ने उनकी मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की।


प्रतिदिन 4,500 मतदाताओं की सुनवाई का लक्ष्य

प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, जिले में तैनात 90 एईआरओ (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को प्रतिदिन 50 मतदाताओं की सुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह एक दिन में साढ़े चार हजार मतदाताओं के दावों का निराकरण किया जा रहा है। अब तक जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों (बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर) में कुल 75,639 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं और 8,120 मतदाताओं की सुनवाई सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।

नाम जोड़ने और संशोधन के लिए उमड़े लोग

मतदाता सूची में सुधार के लिए लोग बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

  • फॉर्म 6 (नाम जुड़वाने हेतु): अब तक 25,907 आवेदन जमा हुए हैं।
  • फॉर्म 8 (संशोधन हेतु): 21,738 लोगों ने जानकारी सुधारने के लिए आवेदन किया है।
  • फॉर्म 7 (नाम कटवाने हेतु): 678 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन मतदाताओं को रिकॉर्ड से जोड़ना है जो मैपिंग न होने के कारण सूची से बाहर हो सकते थे।

नो मेपिंग मतदाताओं के लिए बीएलओ एप में मैपिंग का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। यदि पूर्व में नोमेप सूची में दर्ज मतदाता को विगत SIR 2003 का डाटा मिल जाता है, तो बीएलओ उसे मैप कर सकते हैं। ऐसे मतदाताओं को किसी अन्य दस्तावेज पेश करने या नोटिस, सुनवाई की आवश्यकता नहीं है- भुवन गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।