'₹45 लाख में MBBS सीट का सौदा': भोपाल में कंसल्टेंसी की आड़ में फर्जीवाड़े का SIT ने किया पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार
भोपाल में खजूरी कलां पिपलानी निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव (37) को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है, जो भोपाल में कंसल्टेंसी आड़ में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 09:39:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 09:39:49 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो, इंटरनेट मीडिया से ली गई है।HighLights
- फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का मामला
- भोपाल निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव को एसआईटी ने गिरफ्तार किया
- कंसल्टेंसी की आड़ में दाखिला कराने के नेटवर्क से जुड़ा था आरोपी
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल । फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान खजूरी कलां पिपलानी निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव (37) के रूप में हुई है, जो भोपाल में कंसल्टेंसी आड़ में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
बिहार और हरिद्वार से जुड़े तार
इस मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेनटाउन थानों में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने और उनके आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त करने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
पुलिस इस मामले में पहले ही बिहार निवासी रूपेश पंडित और हरिद्वार निवासी अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।
45 लाख रुपये में किया सौदा
पूछताछ में सामने आया था कि रूपेश ने तीन अभ्यर्थियों से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर 45-45 लाख रुपये का सौदा किया था। पुलिस ने रूपेश के मेरठ स्थित आवास से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने के एवज में लिए गए 8 लाख रुपये भी बरामद किए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार धीरज श्रीवास्तव भोपाल के खजूरी कला रोड पिपलानी में mbsway नाम से कंसल्टेंसी चलाता था। उसका भोपाल में एक व्यापक नेटवर्क था, जिसकी मदद से वह अभ्यर्थियों के लिए फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार करवाता था।
एडमिशन करवाने का झांसा
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि धीरज, रूपेश पंडित के लगातार संपर्क में था और कमीशन के आधार पर विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश करवाता था।
एसआईटी ने आरोपित के पास से 5.58 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।फिलहाल, भोपाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और संपर्कों की गहरी छानबीन करने में जुटी हुई है।