
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वीआईपी इलाकों के आसपास दशकों से बसी झुग्गी बस्तियों को हटाने की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम ने पुनर्वास मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत पहले पक्के मकान बनाए जाएंगे, फिर झुग्गीवासियों को शिफ्ट किया जाएगा। झुग्गी विस्थापन की योजना को लेकर संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की।
जिसमें उन्होंने भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और उनमें रह रहे रहवासियों को स्वच्छ वातावरण व सुविधायुक्त प्रधानमंत्री आवास दिलवाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्रवाई के लिए कहा है। बैठक में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, संयुक्त आयुक्त राजस्व डॉ. विनोद यादव, अपर कलेक्टर पीसी शाक्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त को संबंधित अधिकारियों ने बताया कि झुग्गी मुक्त भोपाल प्रोजेक्ट के अंतर्गत वल्लभ भवन पहाड़ी, अरेरा हिल्स, एमपीनगर, बाणगंगा क्षेत्र, पत्रकार कॉलोनी, मैनिट और कोलार तिराहा आदि क्षेत्रों को झुग्गी मुक्त किया जाना है। इसके लिए दानापानी सब्जी फार्म, राजीव नगर, अर्जुन नगर आदि क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने की योजना है, जिनमे झुग्गीवासियों को विस्थापित किया जाएगा।
पहले आवास निर्माण का कार्य किए जाना है, इसके बाद विस्थापन की कार्रवाई होगी। दानापानी फेस-1 के अंतर्गत 7560 ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाने की योजना है। बताया जा रहा है कि पूरी योजना में बाणगंगा क्लस्टर में 6,060 और दानापानी में 21,255 मकान बनाने की योजना है। दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित आवास क्षमता 27,315 होगी।
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बाणगंगा क्लस्टर में मंत्रालय और आसपास के सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले सफाईकर्मियों, ड्राइवरों, घरेलू सहायकों और छोटे कर्मचारियों को बसाने की योजना है। इससे उनकी आजीविका प्रभावित नहीं होगी।
निर्माण के दौरान 6042 पात्र परिवारों को तीन साल तक प्रतिमाह छह हजार रुपये किराया सहायता देने का प्रस्ताव भी है। दानापानी में 76.11 हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय टाउनशिप विकसित होगी। इसमें स्कूल, कम्युनिटी हाल, शहरी वन और बिजली सब स्टेशन जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।