नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के मुख्य प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय और सतपुड़ा-विंध्याचल भवनों के आसपास कई सालों से बसी झुग्गी बस्तियों को हटाकर उनके रहवासियों के पुनर्वास की योजना तैयार की गई है।
भोपाल नगर निगम ने इसके लिए करीब 3,834 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया है। योजना के तहत वर्तमान में झुग्गी बस्तियों में रह रहे परिवारों के लिए बाणगंगा और दानापानी में वन बीएचके फ्लैट बनाए जाएंगे।
इस योजना के तहत मंत्रालय के आसपास की झुग्गी बस्तियों को हटाकर वहां की जमीन का बेहतर उपयोग किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ बाणगंगा क्षेत्र में सब्जी फार्म के स्थान पर भी आवासीय और व्यावसायिक विकास की योजना है।
बाणगंगा में 6,060 फ्लैट
बाणगंगा क्षेत्र में करीब 6,060 एक बीएचके फ्लैट बनाए जाने की योजना है। यहां पुनर्वास के साथ इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि वर्तमान में रोजगार और आजीविका से जुड़े लोगों पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रस्तावित आवासीय परिसर में स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। अधिकारियों का उद्देश्य यह है कि झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवारों को उनके रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों से बहुत दूर न जाना पड़े।
योजना के अनुसार अगले तीन साल में करीब 6,000 परिवारों को किराया सहायता देने का भी प्रस्ताव है। पात्र परिवारों को तीन वर्ष तक प्रतिमाह करीब 6,000 रुपये किराया सहायता दिए जाने की योजना है।
दानापानी सब्जी फार्म की जमीन पर विकास
दानापानी स्थित सब्जी फार्म की जमीन पर प्रदेश की बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां करीब 76.11 हेक्टेयर भूमि पर एक बीएचके आवासीय इकाइयां बनाई जाएंगी।
परियोजना में 132 केवी सब स्टेशन, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। दानापानी क्षेत्र में प्रस्तावित विकास के लिए दो अलग-अलग परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने की योजना है।
दोनों परियोजनाओं को विकसित करने के लिए जमीन दी जाएगी। इसके बदले नगर निगम को वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ेगा और अनुमान के अनुसार करीब 380.05 करोड़ रुपये का शुद्ध अधिशेष प्राप्त होने की संभावना है।
नए मकानों में लिफ्ट और ग्रीन एरिया
प्रस्तावित नए आवासीय परिसरों में आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। हर टावर में चार लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव है। बहुमंजिला इमारतों में ऑटोमेटेड फायर सिस्टम, पार्किंग और पर्याप्त ग्रीन एरिया की व्यवस्था होगी।
नाले को साफ कर पुनर्जीवित करने की योजना
बाणगंगा में करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़े नाले को साफ कर उसका पुनर्जीवन करने की योजना है। नाले के दोनों ओर पाथवे और पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्रैफिक सर्कुलेशन और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर भी काम किया जाएगा।
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स से होगी आय
योजना में आवासीय परिसरों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इससे नगर निगम को राजस्व प्राप्त होगा और परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।
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पीपीपी मॉडल पर बनेगा टावर
प्रस्तावित योजना में निजी डेवलपर की भागीदारी के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल अपनाया जाएगा। आधुनिक और भूकंपरोधी बहुमंजिला भवनों में झुग्गीवासियों का पुनर्वास किया जाएगा।
इसका उद्देश्य शहर की दशकों पुरानी झुग्गी समस्या का स्थायी समाधान करने के साथ खाली होने वाली जमीन का सुनियोजित विकास करना है।