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सड़कों पर 'यमदूत' बने बेसहारा पशु, भोपाल में तीन गुना बढ़ीं मौतें, सतना-रायसेन सबसे ज्यादा प्रभावित

मध्य प्रदेश की सड़कों पर बेसहारा मवेशी अब सिर्फ यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा भी बन चुके हैं। इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक मवेशियों से संबंधित सड़...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 08:13:34 AM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 08:20:41 AM (IST)
सड़कों पर 'यमदूत' बने बेसहारा पशु, भोपाल में तीन गुना बढ़ीं मौतें, सतना-रायसेन सबसे ज्यादा प्रभावित
मध्य प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों ने बढ़ाए हादसे (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों ने बढ़ाए हादसे
  2. इस साल आठ महीने में ही 437 लोगों की मौत
  3. पिछले वर्ष से 18.1 प्रतिशत अधिक, भोपाल में स्थिति अधिक चिंताजनक

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश की सड़कों पर बेसहारा मवेशी अब सिर्फ यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा भी बन चुके हैं। इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक मवेशियों से संबंधित सड़क हादसों में 437 लोगों की मौत और 614 लोग घायल हुए हैं। चिंताजनक बात यह है कि घायलों का आठ महीने का आंकड़ा ही 2025 के पूरे साल के 520 घायलों से 18.1 प्रतिशत अधिक है।

प्रदेश में सड़कों से गोवंश हटाने के लिए वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं। समितियां गठित हुईं, विशेष अभियान चले और गोशालाओं तक पहुंचाने की कवायद हुई, लेकिन हादसों के आंकड़े इन प्रयासों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 2025 में मवेशियों से जुड़े हादसों में 719 लोगों ने जान गंवाई और 520 घायल हुए थे। 2026 में अभी तीन महीने बाकी हैं, जबकि मौतों का आंकड़ा पहले ही 437 पहुंच चुका है।


भोपाल में स्थिति और गंभीर है। 2025 में यहां इन हादसों में 12 मौत और चार लोग घायल हुए थे। इस साल अगस्त तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 36 हो गया, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं। वहीं इंदौर जिले में 2025 के 13 मौत और 27 घायलों के मुकाबले इस साल अगस्त तक तीन मौत और 14 लोग घायल हुए हैं।

सतना-रायसेन में सबसे ज्यादा मौतें

जिलावार आंकड़े भी खतरे की गंभीरता बताते हैं। अगस्त तक सतना में 57 और रायसेन में 46 मौतें दर्ज की गई हैं। खराब दृश्यता वाले मार्गों और हाईवे पर खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। रात में सड़क पर बैठे या चलते मवेशी समय पर दिखाई नहीं देने से वाहन चालक सीधे टकरा सकते हैं या उन्हें बचाने के प्रयास में वाहन का नियंत्रण खो सकते हैं।

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आंकड़े खोल रहे व्यवस्था की पोल अवधि

मौत - घायल

2025 - 719 - 520

2026 -437 - 614 (2026 के आंकड़े अगस्त तक के)