
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप खत्म होने के बाद प्रदेश में छात्रावास और कालेज खोल दिए गए हैं। राजधानी में स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (मैनिट) भी खुल चुका है। लेकिन इन दिनों मैनिट में विद्यार्थियों का आंदोलन चल रहा है। मैनिट में वर्तमान में तीन मामले चल रहे हैं। पहला रैगिंग का मामला चल रहा है। वहीं दूसरा आनलाइन परीक्षा की मांग को लेकर और तीसरा स्टूडेंट मेस में घटिया खाने को लेकर विद्यार्थियों ने सोमवार की रात में विरोध किया। हालांकि इस सभी मामलों को दबाने में मैनिट प्रबंधन जुटा है।
घटिया भोजन पर बिफरी छात्राएं, धरने पर बैठीं
मैनिट में बीटेक की तकरीबन 300 छात्राएं सोमवार की रात खराब खाने के विरोध में धरने पर बैठ गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि मैस में उन्हें खराब खाना मिल रहा है और कोविड के कारण वे बाहर भी नहीं जा सकती हैं और ना ही अंदर कुछ बाहर से खाने के लिए मंगवा सकती हैं। मैस में साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता है। उन्होंने कहा कि मैस में खाने के लिए उन्होंने 12 हजार रुपये जमा किए हैं। रात 10 बजे मैनिट प्रबंधन ने जाकर छात्राओं से मुलाकात की। प्रबंधन की समझाइश के बाद छात्राओं ने धरना खत्म कर दिया। मंगलवार को इस मामले में मैस इंचार्ज के साथ बैठक बुलाई गई है।
गौैरतलब है कि संस्थान में 28 फरवरी से छात्रावास खोलकर आफलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। हाल ही में यहां रैगिंग का मामला भी सामने आया है। मैनिट में तीन साल बाद रैगिंग की शिकायत की गई है। इसकी शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर 31 मार्च को दर्ज कराई गई है। यूजीसी ने मैनिट को मेल भेजकर जवाब तलब किया है। यूजीसी ने मैनिट के डायरेक्टर नरेंद्र सिंह रघुवंशी को मेल भेजकर रैगिंग की घटना को लेकर जवाब मांगा था। सोमवार को मैनिट की एंटी रैगिंग स्क्वाड ने जूनियर विद्यार्थियों से बातचीत की, लेकिन कोई भी सामने नहीं आया। अब प्रबंधन ने इस मामले की रिपोर्ट में यह लिखकर यूजीसी को भेज दिया कि रैगिंग की शिकायत ही नहीं हुई है।
बता दें कि मैनिट में रैगिंग की शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज की गई थी । इसमें प्रथम और दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों ने हेल्पलाइन पर शिकायत कर बताया कि सीनियर छात्रावास में आकर आए दिन रैगिंग लेते हैं। इससे वे मानसिक तौर पर काफी प्रताड़ित हो रहे हैं। यहां तक उनके साथ सीनियर लगातार मारपीट कर रहे हैं। इससे उन्हें चोटें भी आई हैं। मारपीट करने के अलावा सीनियर उन्हें शराब पीने का दबाव यहां तक उनके मुंह में जबरिया सिगरेट लगाकर पीने के लिए कहते हैं। कई ऐसे कार्य करने के लिए कहते हैं, जो जूनियर नहीं कर सकते हैं। इससे वे परेशान हो गए हैं। उन्होंने हेल्पलाइन को बताया कि कुछ जूनियर रैगिंग के चलते डिप्रेशन में चले गए हैं, इसलिए जूनियर ने सीनियर विद्यार्थियों की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
आनलाइन परीक्षा कराने की मांग
वहीं संस्थान के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का आनलाइन परीक्षा की मांग को लेकर विरोध जारी है। आफलाइन परीक्षा लेने के लिए 15 फरवरी को नोटिस जारी किया था, लेकिन अब कुछ विद्यार्थी इस नोटिस के खिलाफ एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले संस्थान ने उन्हें हास्टल खाली करने के निर्देश दिए थे, जिसकी वजह से उन्हें अपने गृह राज्य से आकर अपना सामान समेटकर जाना पड़ा था। अब आफलाइन परीक्षा के लिए दोबारा अपना सामान लेकर आना मुमकिन नहीं है। उनका कहना है कि संस्थान प्रबंधन खुद तय नहीं कर पाता और नोटिस जारी कर देता है, जिसकी वजह से विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ता है। उनका कहना है कि विद्यार्थी सिर्फ परीक्षा देने के लिए दो-तीन हफ्ते के लिए वापस नहीं आ सकते। अन्य शहरों में इंटर्नशिप कर रहे हैं, इसलिए संस्थान को आनलाइन परीक्षा ही आयोजित करनी चाहिए। मामले में प्रबंधन ने आनलाइन परीक्षा को लेकर साफ इंकार कर दिया है।
आनलाइन परीक्षा की मांग को लेकर विद्यार्थी आंदोलन कर रहे थे। उन्हें समझाया गया। इसके अलावा भोजन को लेकर छात्राओं की शिकायत मिली थी। इस पर आज मैस इंचार्ज से बातचीत की जाएगी।
- अमित ओझा, जनसंपर्क अधिकारी, मैनिट