एमपी के छात्रों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, 19 सितंबर को खाते में ट्रांसफर होगी राशि, बस पूरी करनी होंगी ये शर्तें
MP Mukhyamantri Scooty Yojana: मध्य प्रदेश सरकार राज्य के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'मुख्यमंत्री स्कूटी योजना' के तहत बड़ी सौगात...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 03:09:18 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 03:09:18 PM (IST)
मध्य प्रदेश में मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी। (फाइल फोटो)HighLights
- मध्य प्रदेश में मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी
- 7,500 से अधिक छात्रों के खातों में ट्रांसफर होगी राशि
- जानें मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का पूरा गणित और पात्रता
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'मुख्यमंत्री स्कूटी योजना' के तहत बड़ी सौगात देने जा रही है। 19 सितंबर को प्रदेश के 7,500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं के खातों में स्कूटी खरीदने के लिए सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
यह योजना विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के प्रतिभावान छात्रों के लिए चलाई जा रही है, ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए आसानी से आवागमन कर सकें।
पात्रता और शर्तें: केवल 12वीं के टॉपर्स को मिलेगा लाभ
- सरकारी स्कूल के छात्र: यह योजना केवल मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ही मान्य है।
- 70% अंक और पहला प्रयास: छात्र ने 12वीं की परीक्षा अपने प्रथम प्रयास में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो।
- स्कूल टॉपर: संबंधित सरकारी स्कूल में प्रथम स्थान (टॉपर) प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं ही इसके पात्र होंगे।
- बिक्री पर प्रतिबंध: योजना के तहत खरीदी गई स्कूटी को लाभार्थी छात्र अगले 3 वर्षों तक किसी अन्य व्यक्ति को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे।
बिना आवेदन सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा
- स्कूल स्तर पर सूची: 12वीं का परिणाम घोषित होते ही सरकारी स्कूलों के प्राचार्य अपने-अपने विद्यालय के पात्र टॉपर छात्रों की सूची तैयार करते हैं।
- सत्यापन और पोर्टल अपलोड: दस्तावेजों के मिलान और भौतिक सत्यापन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से यह सूची 'एमपी एजुकेशन पोर्टल' या 'विमर्श पोर्टल' पर अपलोड की जाती है।
- डीबीटी से भुगतान: शासन स्तर से अंतिम मेरिट सूची स्वीकृत होते ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। छात्र का खाता न होने की स्थिति में राशि माता-पिता के खाते में भेजी जाती है।