'सुगम परिवहन सेवा' पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा अपडेट... कहा- सरकारी बसों का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से इस सार्वजनिक परिवहन सेवा का निरंतर वि...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 04:42:55 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 04:42:55 PM (IST)
'सुगम परिवहन सेवा' पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा अपडेटHighLights
- CM डॉ. मोहन यादव ने 'सुगम परिवहन सेवा' के विस्तार के निर्देश दिए
- 21 साल बाद फिर शुरू हुई राज्य बस सेवा, वर्तमान में चल रहीं 351 बसें
- वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार आधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में नव-प्रारंभिक 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के व्यापक विस्तार और सुचारू संचालन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से इस सार्वजनिक परिवहन सेवा का निरंतर विस्तार किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (SP) को समीक्षा बैठक में निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से काम करे। बसों के बाधारहित आवागमन के लिए लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का विशेष सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
सुगम परिवहन सेवा: क्या है योजना और वर्तमान स्थिति?
राष्ट्रवादी विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (25 सितंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था।
- 21 साल बाद वापसी: वर्ष 2005 में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) के बंद होने के बाद सार्वजनिक बस सेवा का जो अभाव था, उसे करीब 21 वर्षों बाद इस योजना के जरिए दूर किया गया है।
- वर्तमान बेड़ा (351 बसें): प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड) से 351 बसों (120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी) का संचालन शुरू किया गया है। इनमें 180 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें और पूर्व से संचालित फिट बसें शामिल हैं।
- एकल नोडल एजेंसी: पहले अलग-अलग निकायों द्वारा संचालित बसों को अब 'मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' (MPYPIL) के अंतर्गत एक ही एकीकृत व्यवस्था में लाया गया है।
आगामी लक्ष्य और योजना का बैकग्राउंडर
- 2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य: राज्य सरकार ने वर्ष 2031 तक प्रदेश भर में 14,981 (लगभग 15 हजार) आधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी: योजना के तहत वर्ष 2031 तक प्रदेश की 75 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों को इस बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
- सुरक्षा और हाई-टेक फीचर्स: बसों की रियल-टाइम निगरानी के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, पैनिक कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस ट्रैकिंग जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।
- ई-बस और पर्यावरण: पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बेड़े में लगातार इलेक्ट्रिक एवं स्वच्छ ईंधन चालित (Clean Energy) बसों का अनुपात बढ़ाया जाएगा।
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