
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यमुना की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे तो बहुत होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सेक्टर-94 के युवा शक्ति घाट पर बिट्टू तबाही की ओर से यहां किया गया सफाई का दावा इंटरनेट मीडिया स्टंट साबित हुआ। मध्य प्रदेश से एनसीआर में तीन दिवसीय सफाई अभियान चलाने पहुंचे बिट्टू ने नोएडा से पहले गुरुग्राम और दिल्ली में सफाई अभियान चलाया। जिस स्थान पर यह अभियान चला दूसरे दिन वहां कचरे के ढेर और गंदगी मिली।
मध्य प्रदेश की अजनार नदी का कायाकल्प करने का दावा करने वाले सुरेंद्र चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही ने दावा किया था कि उनकी टीम ने नोएडा आकर एक दिन में 1280 किलो कचरा निकाला। युवा शक्ति घाट पर मंगलवार की सुबह पांच घंटे सफाई अभियान चला। दैनिक जागरण टीम ने बुधवार को मौके पर जाकर पड़ताल की तो यमुना घाट के हालत जस के तस मिले। सफाई के बावजूद घाट गंदगी से पटी मिली।
इंटरनेट मीडिया पर फोटो और वीडियो डालकर अभियान को बड़ी सफलता बताया गया, लेकिन आज जब मौके पर जाकर पड़ताल की गई, तो दावे की हवा निकल गई। घाट पर पालिथीन, प्लास्टिक की बोतलें, पूजा सामग्री और घरेलू कचरे के ढेर लगे मिले।
सोमवार को गुरुग्राम में खेड़कीदौला में जिस जगह पर बिट्टू तबाही ने सफाई अभियान चलाने का दावा किया, उसी जगह पर बुधवार को कूड़े के ढेर मिले। बिट्टू तबाही ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से रील पोस्ट कर सफाई करने का दावा किया था। अभियान में करीब 40 से 50 युवा शामिल होने के बारे में भी बताया गया था। लेकिन बुधवार को मौके पर दोबारा गंदगी के ढेर दिखाई दिए। सर्विस लेन के किनारे कई स्थानों पर कूड़ा और मलबा पड़ा मिला।
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अभियान के संबंध में मेरे पास कोई सूचना नहीं थी। हालांकि, फाउंडेशन के कुछ वालंटियर्स को निजी तौर पर सूचना मिलने पर इसमें शामिल हुए। यमुना की एक दिन और कुछ घंटों में सफाई नहीं हो सकती। हमारी फाउंडेशन यमुना की सफाई में पांच वर्ष से जुटी है। - सचिन गुप्ता, निदेशक वाइएसएस फाउंडेशन
नदी की सफाई का अभियान सांकेतिक रूप से ठीक है लेकिन, एक नदी का तट साफ करने से उसकी सफाई नहीं हो सकती। सबसे पहली जरूरत है उसके पानी को साफ करें। उसके लिए जरूरी है गंदे नालों को नदियों में गिरने से रोकें। - रामवीर तंवर (पौंडमैन), पर्यावरणविद्