नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बड़े तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट के ऊपर पहुंचने और कोलांस नदी में लगातार पानी का बहाव बने रहने के कारण शुक्रवार से भदभदा डैम के गेट खोलने पड़े। शहर में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने शुक्रवार को एनजीटी को स्थिति से अवगत कराया था।
एनजीटी ने बाढ़ से बचाव के लिए गेट खोलने की अनुमति दी, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि बड़े तालाब का जलस्तर निर्धारित फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से नीचे नहीं जाना चाहिए।
इसके बाद शुक्रवार शाम 6.15 बजे गेट नंबर छह खोला दिया गया था। वहीं, शनिवार को भी सर्वे के दौरान ही दो गेट खोले गए।
ड्रोन से एरियल सर्वे शुरु
एनजीटी के निर्देश पर बड़े तालाब की वास्तविक सीमा का नए सिरे से सीमांकन भी शुरू कर दिया गया। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में शनिवार को सर्वे टीम ने तीन स्थानों से ड्रोन उड़ाकर तालाब की सीमा का एरियल सर्वे किया।
सर्वे सुबह नौ बजे शुरू होना था, लेकिन टीम के सदस्यों और विशेषज्ञों के देरी से पहुंचने के कारण करीब डेढ़ घंटे बाद काम शुरू हुआ।
सुबह 11.30 बजे भदभदा डैम से ड्रोन उड़ाया गया। इसके बाद सैर सपाटा और मुगलिया छाप से भी ड्रोन उड़ाकर तालाब की सीमा की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए। दोपहर करीब 3.30 बजे बारिश शुरू होने के बाद सर्वे रोकना पड़ा।
देखा तालाब का एरियल व्यू
सर्वे टीम ने भदभदा डैम, सैर सपाटा और मुगलिया छाप से ड्रोन उड़ाकर तालाब की सीमा का एरियल व्यू रिकार्ड किया। इन तस्वीरों और वीडियो के आधार पर तालाब के वास्तविक फैलाव और पूर्व में तय की गई सीमाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
ड्रोन सर्वे के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की अनुमति ली जा रही है। उड़ानों के समय की जानकारी मिलने के बाद अनुमति लेकर ही ड्रोन उड़ाया जा रहा है। शनिवार को तीन स्थानों से ड्रोन के जरिए तालाब की तस्वीरें और वीडियो रिकार्ड किए गए।
दो दिन में खुले चार गेट
शुक्रवार और शनिवार को भदभदा डैम के चार गेट खोले जा चुके हैं। शुक्रवार शाम 6.15 बजे गेट नंबर छह और रात 11 बजे गेट नंबर तीन खोला गया था। गेट नंबर तीन रात तीन बजे और गेट नंबर छह शनिवार सुबह आठ बजे बंद किया गया।
शनिवार को सुबह 10.15 बजे गेट नंबर नौ और दोपहर 2.10 बजे गेट नंबर दो खोला गया। दो दिनों में करीब 400 एमसीएफटी पानी बड़े तालाब से कलियासोत नदी में छोड़ा जा चुका है।
कोलांस में 8 फीट का बहाव
बड़े तालाब को भरने वाली कोलांस नदी में करीब आठ फीट का बहाव बना हुआ है। लगातार पानी आने के कारण रविवार को भी भदभदा के गेट खोले जाने की संभावना है। अधिकारियों की नजर तालाब के जलस्तर और कोलांस के बहाव पर बनी हुई है।
मुनारों से आगे पहुंचा पानी
याचिकाकर्ता और सर्वे टीम में विशेषज्ञ के रूप में शामिल राशिद नूर खान ने बताया कि पूर्व के सर्वे के बाद तालाब किनारे लगाई गई मुनारों से कई जगह पानी पांच से सात फीट तक आगे पहुंच गया है। वहीं कुछ स्थानों पर मुनारों तक पानी नहीं पहुंचा। यहां लोगों ने मुरम और मिट्टी डालकर जमीन ऊंची कर ली है।
उनका कहना है कि तालाब की वास्तविक सीमा तय करने के लिए ड्रोन के साथ सैटेलाइट सर्वे भी जरूरी है। इसी मांग को एनजीटी के समक्ष रखा गया था।
सर्वे सुबह नौ बजे शुरू होना था, लेकिन टीम के सदस्यों और विशेषज्ञों के देरी से पहुंचने के कारण करीब डेढ़ घंटे बाद काम शुरू हुआ। सुबह 11.30 बजे भदभदा के पास ड्रोन उड़ाया गया। दोपहर 3.30 बजे बारिश शुरू होने के बाद सर्वे रोकना पड़ा। मौसम अनुकूल रहा तो रविवार को भी सर्वे किया जाएगा। 15 दिन में पूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। - नीतेश चौरसिया, क्षेत्रीय अधिकारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड