
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम 31 जनवरी तक पूरा कराया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और जिला परियोजना समन्वयकों (डीपीसी) को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश के अनुसार, एक फरवरी से शुरू होने वाले जनगणना के दूसरे चरण में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसे में शिक्षकों के जनगणना कार्य में शामिल होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और वार्षिक परीक्षा की तैयारी प्रभावित न हो, इसके लिए एक फरवरी से पहले ही पाठ्यक्रम पूरा कराने को कहा गया है।
राज्य शिक्षा केंद्र ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी निर्देशों में कहा है कि विद्यालयों में पढ़ाई के लिए बकाया पाठ्यक्रम को आगामी चार माह में पूरा कराया जाए। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विषय-वस्तु का विभाजन नौ माह में किया गया है, जबकि दसवें माह में वार्षिक मूल्यांकन प्रस्तावित है।
अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में पाठ्यक्रम की स्थिति की समीक्षा कर उसे समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य शिक्षा केंद्र ने कहा है कि यदि आवश्यकता हो तो विद्यालय की समय-सारणी में संशोधन किया जा सकता है। इसका उद्देश्य एक फरवरी से पहले कक्षा एक से आठवीं तक का पाठ्यक्रम पूरा कराना है। साथ ही जनगणना के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है।
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निर्देशों में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और अपेक्षित दक्षताओं पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पाठ्यक्रम पूरा होने के साथ विद्यार्थी निर्धारित दक्षताएं भी हासिल कर चुके हों। राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य व्यवस्थित बनाए रखने और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।