भोपाल में DPI दफ्तर के बाहर 28वें दिन भी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, खून से खत लिख PM मोदी और CM से मांगी इच्छामृत्यु
अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 07:16:00 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 07:16:00 PM (IST)
डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा। फोटो- आयोजकHighLights
- अभ्यर्थियों ने PM और CM को खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी
- डीपीआई कार्यालय के सामने 28वें दिन भी आंदोलन जारी रहा
- सात दिन से निर्जला अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ी
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा।आंदोलनकारियों ने अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी।
पत्र में शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग और लंबे समय से चल रहे आंदोलन का उल्लेख किया गया है।
नरेंद्र केी तबीयत बिगड़ी
लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई)के सामने पिछले तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में राजगढ़ के ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत सात दिन से निर्जला अनशन पर हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पानी नहीं पीने से उनकी तबीयत बिगड़ गई है और बुधवार रात वह कई बार बेहोश हुए।अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने कहा कि आश्वासन के बाद उन्होंने पहले भूख हड़ताल खत्म की थी, लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर दोबारा अनशन शुरू करना पड़ा।इससे सीने में दर्द और रक्तचाप बढ़ने की शिकायत है।
नहीं आए डॉक्टर
उनका आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद गुरुवार सुबह तक डॉक्टर जांच के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चिकित्सक बुलाने की मांग की।बुधवार रात डीपीआई कार्यालय के बाहर तेज बारिश के बावजूद अभ्यर्थियों का धरना जारी रहा।
सामान भीगा फिर भी डटे
प्रदर्शनकारियों का सामान भी बारिश में भीग गया। इसके बाद भी अभ्यर्थी मौके पर डटे रहे और डीपीआई आयुक्त के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की।
अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पदवृद्धि की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि विभागों में रिक्त पद होने के बावजूद सीमित पदों के कारण चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पा रहा है।