MP में ई-अटेंडेंस पर बढ़ा विवाद... 'हमारे शिक्षक' एप से डाटा लीक का डर, शिक्षकों ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
शिक्षकों का कहना है कि ई-अटेंडेंस केवल ऑनलाइन हाजिरी तक सीमित नहीं है। इसमें मोबाइल नंबर, लाइव लोकेशन और सेवा संबंधी रिकार्ड जैसी जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं।
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 09:11:14 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 09:21:48 PM (IST)
MP में ई-अटेंडेंस पर बढ़ा विवादHighLights
- निजी डेटा से जुड़ी शर्तों को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई
- 3.75 लाख शिक्षकों से ई-अटेंडेंस के लिए ऑनलाइन सहमति पत्र
- मोबाइल-लोकेशन डेटा के साथ 17,817 शिकायतें लंबित
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल । स्कूल शिक्षा विभाग का ई-अटेंडेंस के लिए हमारे शिक्षक एप की व्यवस्था को लेकर प्रदेश के करीब 3.75 लाख शिक्षक विरोध में आ गए हैं। शिक्षकों की मुख्य आपत्ति ऑनलाइन सहमति पत्र और उसमें निजी डेटा की सुरक्षा से जुड़ी शर्तों को लेकर है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब विभाग डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट-2023 का हवाला दे रहा है, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शिक्षकों का डेटा किसके पास रहेगा और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी।
तकनीकी व्यवस्था पर उठाए सवाल
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने ई-अटेंडेंस की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पोर्टल और सर्वर की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन ने पूछा है कि पोर्टल पूरी तरह सरकारी डोमेन और सर्वर पर संचालित है या इसमें किसी निजी कंपनी अथवा थर्ड पार्टी की तकनीकी भूमिका है।
यदि निजी सर्वर का इस्तेमाल हो रहा है तो उसकी अनुमति किस सक्षम अधिकारी ने दी, यह जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
मोबाइल नंबर और लाइव लोकेशन से जुड़ा डेटा
शिक्षकों का कहना है कि ई-अटेंडेंस केवल ऑनलाइन हाजिरी तक सीमित नहीं है। इसमें मोबाइल नंबर, लाइव लोकेशन और सेवा संबंधी रिकार्ड जैसी जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं।
ऐसे में डेटा के दुरुपयोग या लीक होने की आशंका को लेकर शिक्षक संगठनों ने साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट और भारत सरकार की वेबसाइट गाइडलाइंस के पालन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
17,817 परिवेदनाएं अभी लंबित
ई-अटेंडेंस के दायरे में करीब 2.32 लाख नियमित शिक्षक, 72 हजार अतिथि शिक्षक और लगभग 70 हजार जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षक शामिल बताए गए हैं। शिक्षक संगठन का कहना है कि विभाग ई-अटेंडेंस लागू करने में तेजी दिखा रहा है, जबकि सेवा संबंधी शिकायतों के निराकरण की गति धीमी है।
संगठन के अनुसार परिवेदना पोर्टल पर दर्ज 36,827 मामलों में से करीब 19 हजार का निराकरण हुआ है, जबकि 17,817 मामले लंबित हैं।