
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भोपाल स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे प्रशासन ने धनबाद और चोपन के बीच दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की तैयारी तेज कर दी है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब संबंधित जोन्स को इन ट्रेनों के परिचालन, रखरखाव और प्रचार-प्रसार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
गाड़ी संख्या 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा। यह ट्रेन भोपाल से रात 8:55 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। वापसी में यह धनबाद से सुबह 7:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह 7:20 बजे भोपाल आएगी। यह ट्रेन सिंगरौली, चोपन, डाल्टनगंज और बोकारो जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से होकर गुजरेगी। इस रूट से श्रमिकों, व्यापारियों और कामकाजी यात्रियों को काफी सहूलियत होगी, जिन्हें वर्तमान में सीधी ट्रेन न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल-चोपन एक्सप्रेस (11633/11634) को भी स्वीकृति दे दी गई है। यह ट्रेन प्रत्येक रविवार रात भोपाल से रवाना होकर सोमवार सुबह चोपन पहुंचेगी। वापसी में सोमवार शाम चोपन से चलकर मंगलवार सुबह भोपाल वापस आएगी। इस ट्रेन का ठहराव सागर, कटनी, ब्योहारी, सिंगरौली और ओबरा डैम जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रखा गया है। इससे न केवल सिंगरौली अंचल के यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन दोनों नई ट्रेनों का प्राथमिक रखरखाव (प्राइमरी मेंटेनेंस) भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। इनका कोच रेक निजामुद्दीन एक्सप्रेस के साथ इंटीग्रेटेड रहेगा। लंबी दूरी को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए बीना, कटनी, सिंगरौली और चोपन स्टेशनों पर वाटरिंग (पानी भरने) की विशेष व्यवस्था की गई है।
इन ट्रेनों के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को अब धनबाद या चोपन जाने के लिए बार-बार ट्रेनें बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा। यह नई रेल सेवा विशेष रूप से उन छात्रों और कामगारों के लिए वरदान साबित होगी जो शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में इन राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं।
यह कनेक्टिविटी क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक परिवहन और सामाजिक आवागमन को नई गति देगी। परियोजना का सारा कार्य पूरा कर लिया गया है। रेलवे बोर्ड से अंतिम निर्देश मिलते ही दोनों नई ट्रेनों को तुरंत पटरी पर उतारकर यात्रियों के लिए नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा।- पंकज त्यागी, मंडल रेल प्रबंधक, भोपाल