
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कहर से हुई 17 मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस बड़ी मानवीय त्रासदी के बावजूद, मध्य प्रदेश का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क पर प्रभावी ढंग से उठाने में विफल नजर आ रहा है। जहां पूरा शहर और देश-दुनिया इस घटना पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर की इतनी बड़ी घटना के बाद भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं दिग्विजय सिंह और कमल नाथ का मौके पर न पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, ये नेता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लगभग हर दिन पोस्ट डालकर सरकार को घेर रहे हैं और इसे प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं। राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी का बड़ा आंदोलन अभी तक नदारद है।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी 30 दिसंबर को पीड़ितों से मिले थे, जिसके बाद वे अब रविवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा नहीं देते और दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तो 11 जनवरी को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले कमल नाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा में कफ सीरप से 24 बच्चों की मौत के समय भी कांग्रेस का ऐसा ही सुस्त रवैया दिखा था, जहां कमल नाथ खुद एक सप्ताह बाद पहुंचे थे।
दिलचस्प पहलू यह है कि इस मामले में कांग्रेस से ज्यादा हमलावर भाजपा के अपने ही नेता नजर आए। भाजपा की वर्षों पुरानी आंतरिक गुटबाजी के कारण सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं ने अपनी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सहित कई नेताओं ने स्थानीय नेतृत्व और महापौर पुष्यमित्र भार्गव को निशाने पर लिया। भाजपा के अंदरूनी कलह ने ही इस मुद्दे को तूल दिया, जबकि कांग्रेस के कई बड़े नेता मनरेगा चौपाल या अपने निजी क्षेत्रों के कार्यों में व्यस्त रहे।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता है। पाइपलाइन में सीवेज मिलने की आशंका और बार-बार की गई शिकायतों की अनदेखी ने ही 17 लोगों की जान ले ली। अब देखना यह होगा कि 11 जनवरी को कांग्रेस का प्रस्तावित आंदोलन जनता को कितना न्याय दिला पाता है या यह भी केवल एक रस्म अदायगी बनकर रह जाएगा।