
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के कालेजों में अध्ययनरत करीब 1.44 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। विशेष वर्ग की छात्रवृत्ति की राशि समय पर जारी न होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राएं गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। यह छात्रवृत्ति उनकी पढ़ाई जारी रखने का सहारा होती है, लेकिन भुगतान में देरी या रोक के कारण कई विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि फीस जमा न कर पाने की स्थिति में कॉलेज प्रशासन द्वारा परीक्षा फार्म भरने और कक्षाओं में बैठने पर भी रोक लगाई जा रही है। ऐसे में कई विद्यार्थी बीच सत्र में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई विद्यार्थियों का डाटा अपडेट नहीं हुआ है। इस कारण देरी हो रही है। बता दें, कि मध्य प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर से पिछले एक सप्ताह में छह विद्यार्थियों ने आर्थिक कारणों से अपना पाठ्यक्रम छोड़ दिया है। यह स्थिति प्रदेश के अन्य शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में भी देखने को मिल रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि फीस जमा न होने से परीक्षा फार्म भरने और प्रवेश नवीनीकरण में दिक्कत आ रही है।कई कालेजों में बकाया फीस के कारण विद्यार्थियों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। विद्यार्थियों ने सरकार से जल्द छात्रवृत्ति राशि जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि देरी से न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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छात्रवृत्ति के लिए विभाग का पोर्टल खुला है। जल्द ही छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया जाएगा।- अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा