
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिले में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों की नियुक्ति हो चुकी है। अब मकानों की नंबरिंग का कार्य शुरू किया जा रहा है। शहर और गांवों में मकानों की नंबरिंग कर ब्लॉक बनाए जाएंगे। शहरी क्षेत्र में वार्ड की सीमा के भीतर मकानों की नंबरिंग कर अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की सीमा में ब्लॉक बनेंगे। एक ब्लॉक में 180 से 200 मकान रहेंगे और इसमें 750 से 800 आबादी निवासरत होना चाहिए।
करीब 15 साल बाद हो रही जनगणना की वृहद स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। फरवरी और मार्च माह में मकानों की नंबरिंग की जाएगी। नंबरिंग का कार्य राउंड सर्कल में किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में मकानों को अलॉट नंबर के अनुसार मकानों की नंबरिंग की जाएगी। वहीं नंबरिंग के दौरान सभी मकानों पर अलग-अलग नंबर कलर से लिखे जाएंगे, ताकि गणना के दौरान प्रगणक को गणना करने में आसानी रहे। दिए गए कोड वाले ब्लॉक में अलॉट सभी मकानों की गणना प्रगणक करेंगे।
इसके बाद इन्हीं मकानों में निवासरत आबादी की गणना भी होगी। जनगणना का पूरा कार्य डिजिटल होगा और ऑनलाइन ही पोर्टल पर जानकारी दर्ज की जाएगी। आमजन को भी स्वयं की गणना का विकल्प मिलेगा। इसकी पुष्टि प्रगणक जनगणना के दौरान घर पहुंचने पर करेंगे। विगत दिनों हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने एसआइआर की सुनवाई पूरी होने के बाद नंबरिंग का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे।
मई में मकानों की गिनती: जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में मकानों की गणना होगी और यह कार्य एक से 31 मई के बीच में होगा। इसके लिए जिले में आठ हजार के करीब प्रगणक और तेरह सौ के करीब पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे। प्रगणक दिए गए ब्लॉक के सभी मकानों की गणना करेंगे, इसमें लोगों से 37 तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे।
जनगणना का दूसरा चरण 2027 में शुरू होगा और एक से 28 फरवरी आबादी की गणना होगी। दोनों कार्य पूरी तरह से ऑनलाइन होंगे।