कोटा हादसे ने उजाड़ दी भोपाल के इकलौते बेटे की दुनिया, खाटूश्यामजी की यात्रा पर गए माता-पिता समेत 8 रिश्तेदारों की मौत
राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में भोपाल निवासी चित्रांश गोडके के माता-पिता राजकुमार और अनीता सहित कुल आठ लोगों की जा...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 02:25:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 02:25:37 PM (IST)
अपने माता-पिता के साथ में चित्रांश। फोटो - स्वयंHighLights
- भोपाल निवासी चित्रांश गोडके के माता-पिता सहित कुल 8 लोगों की जान चली गई
- माता-पिता को दर्शन कराने निकला था चित्रांश, हादसे में उसके हाथ में भी चोट आई
- भोपाल के राजीव नगर में शोक, माता-पिता की इकलौती संतान चित्रांश गहरे सदमे में है
नईदुनिया प्रतिनधि, भोपाल। माता-पिता को तीर्थ दर्शन कराने का सपना लेकर निकला भोपाल का चित्रांश गोडके नहीं जानता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन जाएगा। जिस यात्रा में मां-पिता के साथ बाबा खाटूश्याम के दरबार में माथा टेकना था, उसी यात्रा ने उससे दोनों का साथ हमेशा के लिए छीन लिया।
राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में चित्रांश के पिता राजकुमार और मां अनीता की मौत हो गई। हादसे में उसके अन्य रिश्तेदारों समेत कुल 8 लोगों की जान गई।
इकलौती बेटा चित्रांश सदमे में
भोपाल के राजीव नगर सेक्टर-ए में रहने वाला चित्रांश सॉफ्टवेयर डेवलपर है और अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। शुक्रवार शाम उसने माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ खाटूश्यामजी जाने के लिए ट्रैवलर बुक किया था।
इस सफर में उसके मामा-मामी, मौसी और उनके बच्चे, अन्य रिश्तेदार और दोस्त ओम प्रकाश भी साथ थे। सभी के मन में दर्शन की आस और साथ समय बिताने की खुशी थी।
माता-पिता को दर्शन कराना चाहता था बेटा
चित्रांश पहले भी बाबा के दरबार जा चुका था, लेकिन इस बार वह अपने माता-पिता को दर्शन कराना चाहता था। धार्मिक प्रवृत्ति के मां-पिता को तीर्थ कराने की उसकी इच्छा थी, और इस यात्रा से वह उसी सपने को पूरा करने निकला था।
लेकिन कोटा के पास हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया। जिस बेटे के लिए पिता मजबूत सहारा थे और मां पूरी दुनिया, वह एक ही झटके में दोनों से बिछड़ गया। अब उसे उन्हीं माता-पिता के शव लेकर लौटना होगा, जिन्हें वह भगवान के दर्शन कराने ले जा रहा था। आस्था से शुरू हुआ सफर ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसकी भरपाई जीवनभर संभव नहीं।
घर में पसरा मातम
चित्रांश के मामा सुरेंद्र ने बताया कि माता-पिता को सिर पर चोट लगी थी, जिससे उनकी मौत हुई। चित्रांश भी आगे ही बैठा था, उसके दाएं हाथ में चोट है। माता-पिता को खोने के बाद वह गहरे सदमे में है और पूरी तरह टूट चुका है। राजीव नगर में भी शोक पसरा है।
चित्रांश के पिता नर्मदापुरम रोड स्थित पेट्रोल पंप पर काम करते थे। परिवार की दुनिया मां-पिता और इकलौते बेटे के इर्द-गिर्द थी। अब उस परिवार के चित्र में मां-पिता की जगह यादें रह गई हैं।