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एमपी में सड़कों की बदलेगी तस्वीर, 5 साल में ₹90 हजार करोड़ से 29,682 किलोमीटर लंबे 1,226 मार्गों पर होगा काम

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 29 हजार किलोमीटर लंबाई की 1,226 सड़कों पर काम किया जाना है। इन पर पांच वर्ष में 90 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 07:42:41 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 07:42:41 PM (IST)
एमपी में सड़कों की बदलेगी तस्वीर, 5 साल में ₹90 हजार करोड़ से 29,682 किलोमीटर लंबे 1,226 मार्गों पर होगा काम
मध्य प्रदेश में पहली बार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान हुआ तैयार। (AI Generated Image)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में पहली बार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान हुआ तैयार
  2. 29 हजार किमी सड़कों के लिए ₹90 हजार करोड़ का बजट
  3. PWD का नया प्लान, कम दूरी के मार्गों से जुड़ेंगे प्रमुख हाईवे

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में मुख्य सड़क नेटवर्क 90 हजार किलोमीटर का हो चुका है। इसमें अब कई मार्गों के उन्नयन की आवश्यकता सामने आ रही है। कुछ नए मार्ग बनाए जाने हैं तो कुछ को कम दूरी की सड़क बनाकर मुख्य मार्गों से जोड़ा जाना है। इसके लिए पहली बार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 29 हजार किलोमीटर लंबाई की 1,226 सड़कों पर काम किया जाना है। इन पर पांच वर्ष में 90 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। कुछ राशि की व्यवस्था राज्य के बजट के माध्यम से की जाएगी तो कुछ के लिए राज्य सड़क विकास निगम ऋण लेगा।


पीडब्ल्यूडी ने तैयार किया रोड नेटवर्क मास्टर प्लान

पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार कराए गए रोड नेटवर्क मास्टर प्लान का उद्देश्य नए मार्गों की जरूरत पहचानने, मौजूदा सड़कों की क्षमता बढ़ाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी की कमी दूर करने के लिए जरूरत के आधार पर प्राथमिकताएं तय करना है।

गतिशक्ति पोर्टल और जीआईएस से तय होंगी प्राथमिकताएं

प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) आधारित विश्लेषण किया जा रहा है। इसके माध्यम से वर्तमान और प्रस्तावित सड़क नेटवर्क, कनेक्टिविटी की कमियों तथा संभावित विकास क्षेत्रों का आकलन कर प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

योजना का आधार 'जहां आवश्यकता, वहीं प्राथमिकता' रखा गया है। विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह का कहना है कि जिस तरह से प्रदेश औद्योगिकीकरण की ओर आगे बढ़ रहा है, उसमें अधोसंरचना विकास आवश्यक है और इसमें सड़कों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

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रोड नेटवर्क मास्टर प्लान में उन मार्गों की भी पहचान की जा रही है, जिनमें छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर नेटवर्क को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। साथ ही जिन मार्गों की चौड़ाई सात-साढ़े सात मीटर है, उन्हें भूमि की उपलब्धता के आधार पर 10 से 12 मीटर किया जा सकता है।