
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप, प्रदेश को अप्रैल के अंत तक 7500 नए पुलिस आरक्षक मिल जाएंगे। विभाग की योजना है कि 15 अप्रैल तक अंतिम परिणाम जारी कर दिए जाएं और मई के पहले सप्ताह तक चयनित अभ्यर्थियों को पदभार ग्रहण करा दिया जाए।
पुलिस भर्ती के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब पूरी प्रक्रिया मात्र छह माह के भीतर संपन्न की जा रही है। सामान्यतः पुलिस आरक्षकों की भर्ती में एक से डेढ़ वर्ष का समय लग जाता था। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, इस गति को बनाए रखने के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Proficiency Test) और परिणाम की घोषणा के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है।
लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित 54 हजार अभ्यर्थियों के लिए मार्च में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश भर में 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वर्तमान में शारीरिक दक्षता परीक्षा संपन्न कराने के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में मैदानी परीक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी, जिन्हें एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा के अंकों को जोड़कर तैयार की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार पुलिस मुख्यालय कड़े सुरक्षा उपाय अपना रहा है। पहली बार शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी 'फेस रिकग्नीशन सिस्टम' (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने कर्मचारी चयन मंडल से अभ्यर्थियों का डेटा प्राप्त कर लिया है।
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यह निर्णय पिछले अनुभवों को देखते हुए लिया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया के दौरान 50 से अधिक ऐसे अभ्यर्थी पकड़े गए थे, जिन्होंने अपनी जगह साल्वर बैठाकर लिखित परीक्षा पास की थी या आधार कार्ड में संदिग्ध रूप से बायोमैट्रिक अपडेट कराए थे। फेस रिकग्नीशन सिस्टम से वास्तविक अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी।
वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षकों के लगभग 25,000 पद रिक्त हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, अगले तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 7500 आरक्षकों की भर्ती की जानी है। वर्तमान बैच इस कड़ी का पहला हिस्सा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस प्रक्रिया के संपन्न होते ही अगले वर्ष के लिए पुनः 7500 आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।