एक साथ दो परीक्षाएं कैसे दें अभ्यर्थी?': MPPSC और ESB की परीक्षा 4 अक्टूबर को एक ही समय पर, उम्मीदवारों की बढ़ी परेशानी
एमपीपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा दोपहर 1 से 4 बजे तक है, जबकि इसी दिन ईएसबी ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 परीक्षा के लिए दोपहर 12:30 बजे रिपोर्टिंग निर्ध...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 07:31:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 07:31:01 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- 4 अक्टूबर को दाे परीक्षाओं के समय में टकराव
- अलग-अलग शहरों में केंद्र होने पर परेशानी बढ़ी
- परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की मांग, ईएसबी को दिया ज्ञापन
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की 4 अक्टूबर को आयोजित होने वाली परीक्षाओं के समय एक ही दिन होने से उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ गई है।
एक ही दिन और लगभग एक ही समय पर दो अलग-अलग परीक्षाएं होने के कारण दोनों के लिए पात्र अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा का अवसर छोड़ने की स्थिति बन गई है।
एमपीपीएससी की परीक्षा 1 से 4 बजे तक
एमपीपीएससी द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। 4 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा में इतिहास, भौतिकी, रसायनशास्त्र व गणित विषय का प्रश्नपत्र शामिल है।
इसका परीक्षा समय दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है। इस परीक्षा के लिए प्रदेश के अलग-अलग शहरों में केंद्र बनाए गए हैं।
ईएसबी परीक्षा का रिपोर्टिंग समय भी दोपहर में
इसी दिन ईएसबी की ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा भी आयोजित होनी है। जारी प्राथमिक प्रवेश पत्र के अनुसार उम्मीदवारों को दोपहर 12.30 बजे रिपोर्ट करना है, जबकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय 1.30 बजे निर्धारित किया गया है। ऐसे में दोनों परीक्षाओं के समय में टकराव पैदा हो रहा है।
अलग-अलग शहरों में केंद्र तो मुश्किल और बढ़ी
समस्या उन अभ्यर्थियों के लिए अधिक गंभीर है, जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है और उनके परीक्षा केंद्र अलग-अलग शहरों में निर्धारित किए गए हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्र कई उम्मीदवार पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ यूजीसी नेट या पीएचडी जैसी योग्यता रखते हैं। इनमें से अनेक युवा ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 की भर्ती परीक्षा की तैयारी भी लंबे समय से कर रहे हैं।
उम्मीदवारों ने समाधान की मांग उठाई
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि दोनों परीक्षाओं के केंद्र एक ही शहर में भी हों, तब भी निर्धारित समय के कारण दोनों में शामिल होना मुश्किल है। अलग-अलग शहरों में केंद्र होने पर एक परीक्षा से दूसरी परीक्षा तक पहुंचना व्यावहारिक रूप से और कठिन हो जाता है।
उम्मीदवार परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव या समय के अंतर की मांग कर रहे हैं, ताकि दोनों परीक्षाओं में पात्र अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर मिल सके।