• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

प्रतिमा विसर्जन के बाद जहरीला हुआ भोपाल की झीलों का पानी; शाहपुरा और हथाईखेड़ा में बढ़ा प्रदूषण

जांच में सामने आया कि प्रतिमाओं में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रंग, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और विसर्जन के साथ जलस्रोतों में पहुंचने वाली पूजन सामग्री पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 09:55:09 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 09:55:09 AM (IST)
प्रतिमा विसर्जन के बाद जहरीला हुआ भोपाल की झीलों का पानी; शाहपुरा और हथाईखेड़ा में बढ़ा प्रदूषण
शाहपुरा झील में टीडीएस 86 प्रतिशत बढ़ा है। फाइल फोटो।

HighLights

  1. प्रतिमा विसर्जन के बाद टीडीएस का स्तर 398 से बढ़कर 742 मिलीग्राम प्रति लीटर पहुंचा
  2. जैविक प्रदूषण का स्तर 2.8 से बढ़कर छह मिलीग्राम प्रति लीटर हुआ
  3. बीओडी और टीडीएस बढ़ने के साथ घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम मिला

डिजीटल डेस्क, भोपाल। गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद राजधानी के प्रमुख जलस्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) की जांच में शाहपुरा झील में कुल घुलित ठोस पदार्थ (टीडीएस) का स्तर करीब 86 प्रतिशत बढ़ा, जबकि हथाईखेड़ा डैम में जैविक प्रदूषण के संकेतक बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) में 114 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। प्रतिमा विसर्जन के बाद पांचों निगरानी स्थलों पर बीओडी बढ़ा और पानी में घुलित ऑक्सीजन (डीओ) का स्तर घटा है।

एमपीपीसीबी ने गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले, विसर्जन के दौरान और बाद में पांच प्रमुख स्थलों से पानी के नमूने लेकर जांच की थी। इनमें हथाईखेड़ा डैम, लोअर लेक का खटलापुरा घाट, अपर लेक का प्रेमपुरा घाट, शाहपुरा झील और लोअर लेक का रानी कमलापति घाट शामिल हैं। नमूने 10 सितंबर को विसर्जन से पहले, 25 सितंबर को विसर्जन के दौरान और 30 सितंबर को विसर्जन के बाद लिए गए थे।


जांच में सामने आया कि प्रतिमाओं में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रंग, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और विसर्जन के साथ जलस्रोतों में पहुंचने वाली पूजन सामग्री पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। एमपीपीसीबी के एक अधिकारी के अनुसार, पांचों स्थलों पर टीडीएस और बीओडी में वृद्धि तथा घुलित ऑक्सीजन में कमी दर्ज की गई है।

शाहपुरा झील में टीडीएस सबसे ज्यादा बढ़ा

प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, शाहपुरा झील में टीडीएस का स्तर विसर्जन से पहले 398 मिलीग्राम प्रति लीटर था, जो बाद में बढ़कर 742 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया। यह पांचों स्थलों में सबसे अधिक वृद्धि है। वहीं खटलापुरा घाट पर टीडीएस 376 से बढ़कर 476, प्रेमपुरा घाट पर 226 से बढ़कर 304 और रानी कमलापति घाट पर 384 से बढ़कर 428 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया।

यह भी पढ़ें- बड़े तालाब में बिना परमिशन सिंघाड़े की खेती पर बवाल, NGT ने कसी नकेल, IARI करेगा फसल की जांच

हथाईखेड़ा में बीओडी दोगुने से ज्यादा

जैविक प्रदूषण के संकेतक बीओडी में सबसे अधिक वृद्धि हथाईखेड़ा डैम में दर्ज हुई। यहां इसका स्तर 2.8 से बढ़कर छह मिलीग्राम प्रति लीटर पहुंच गया। खटलापुरा घाट पर बीओडी 2.3 से बढ़कर चार, शाहपुरा झील में 4.2 से बढ़कर 4.8, प्रेमपुरा घाट पर 2.7 से बढ़कर तीन और रानी कमलापति घाट पर तीन से बढ़कर 3.5 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया।

पांचों स्थलों पर घुलित ऑक्सीजन घटी

जलीय जीवों के जीवन के लिए जरूरी घुलित ऑक्सीजन का स्तर भी सभी पांचों स्थलों पर कम हुआ। शाहपुरा झील में यह 6.3 से घटकर 5.1 मिलीग्राम प्रति लीटर रह गया। खटलापुरा घाट पर 6.4 से घटकर 5.4 और प्रेमपुरा घाट पर छह से घटकर 5.1 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया। पानी में ऑक्सीजन की कमी जलीय जीवों के लिए प्रतिकूल स्थिति पैदा कर सकती है।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।