• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

'चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका तो खैर नहीं': निशातपुरा से भोपाल तक आउटर पर झाड़ियों की सफाई शुरू, रहवासी बनेंगे 'ट्रैक मित्र'

ट्रेन के आउटर पर पथराव और यात्रियों से जुड़ी वारदात रोकने के लिए संवेदनशील हिस्सों को ‘ब्लैक स्पाट’ के रूप में चिह्नित किया जाएगा। 548 प्लेटफार्मों के...और पढ़ें

By anjali tomarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 06:00:37 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 06:00:37 PM (IST)
'चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका तो खैर नहीं': निशातपुरा से भोपाल तक आउटर पर झाड़ियों की सफाई शुरू, रहवासी बनेंगे 'ट्रैक मित्र'
निशातपुरा आउटर में रेलवे ट्रैक के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियों को हटाया गया है। सौ- रेलवे

HighLights

  1. पथराव और यात्रियों से जुड़ी वारदात रोकने के लिए रेलवे का अभियान
  2. संवेदनशील हिस्सों को ‘ब्लैक स्पाट’ के रूप में चिह्नित किया जाएगा
  3. ट्रैक किनारे रहने वालों को ‘ट्रैक मित्र’ बनाकर दी जाएगी जिम्मेदारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ट्रेन के आउटर पर धीमी होते ही झाड़ियों में छिपकर यात्रियों पर पथराव या मोबाइल छीनने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की है। ऐसे स्थानों को ‘ब्लैक स्पाट’ के रूप में चिह्नित कर पटरियों के दोनों तरफ उगी घनी झाड़ियों को हटाया जा रहा है।

जहां ट्रेन की गति कम होती है और अपराध की घटनाएं सामने आई हैं, वहां पहले सफाई और निगरानी की जा रही है।

इसके साथ ही ट्रैक किनारे रहने वाले लोगों को ‘ट्रैक मित्र’ के रूप में जोड़कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने की योजना है।

इस व्यवस्था में जीआरपी के 28 थाने, 20 पुलिस चौकियां और 25 सहायता केंद्र भी शामिल हैं। जीआरपी अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों की पहचान करेगी, जहां अपराध की घटनाएं अधिक हुई हैं या झाड़ियों के कारण निगरानी में परेशानी आती है।


548 प्लेटफार्म के आसपास होगी चरणबद्ध कार्रवाई

प्रदेश के 548 प्लेटफार्मों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से झाड़ियों की कटाई कराई जाएगी। पहले अपराध प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर समेत अन्य स्टेशनों पर कार्रवाई की स्थिति अधिकारियों से ली जाएगी।

निशातपुरा आउटर पर दो किमी क्षेत्र साफ

निशातपुरा आउटर में रेलवे ट्रैक के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियों से करीब दो किलोमीटर का क्षेत्र ढका हुआ था। यहां किलोमीटर नंबर 837/17 से 839/27 UP RD NSZ4ARD तक सफाई कराई गई है।

हालांकि बारिश के कारण करीब 500 मीटर हिस्से में पानी भरा है, जिसके चलते वहां जेसीबी से सफाई नहीं हो पा रही है। पानी कम होने के बाद इस हिस्से की सफाई की जाएगी।

घनी झाड़ियों की आड़ में छिपने की आशंका

भोपाल और निशातपुरा आउटर पर धीमी गति के कारण घनी झाड़ियों की आड़ में बदमाशों के छिपने की आशंका रहती है। पथराव और यात्रियों से जुड़ी घटनाओं वाले हिस्सों में पहले सफाई कराई जा रही है। बारिश में बढ़ी झाड़ियों की नियमित कटाई को सुरक्षा से जोड़ा गया है।

यह भी पढ़ें- रेल यात्री ध्यान दें! भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस का बदला रूट, कई ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट, देखें लिस्ट

ट्रैक मित्र देंगे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना

रेलवे अब ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को ‘ट्रैक मित्र’ के रूप में जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इन्हें ट्रैक के आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या सुरक्षा संबंधी समस्या दिखाई देने पर संबंधित रेलवे या सुरक्षा एजेंसी को सूचना देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इससे ऐसे क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने में मदद मिलेगी।

संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा और झाड़ियों की सफाई जैसे उपाय किए जा रहे हैं। जीआरपी और रेलवे के संबंधित विभागों के समन्वय से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।इसके साथ ही पथराव की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। बच्चों को समझाया जाएगा कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है और जान का खतरा भी हो सकता है। - राजाबाबू सिंह, स्पेशल डीजी, मध्य प्रदेश