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धान और मोटे अनाज के पंजीयन का अंतिम दिन आज; मप्र में अब तक 6.80 लाख धान उत्पादक किसान शामिल

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए प्रदेश में अब तक करीब 6.80 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं। इनमें 6.77 लाख धान उत्पादक किसा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 10:08:23 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 10:33:14 AM (IST)
धान और मोटे अनाज के पंजीयन का अंतिम दिन आज; मप्र में अब तक 6.80 लाख धान उत्पादक किसान शामिल
प्रतीकात्मक फोटो, सौ- सोशल मीडिया

HighLights

  1. मप्र में धान 10 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि तय की गई है
  2. समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए 6.80 लाख किसानों का पंजीयन
  3. फसल संबंधी जानकारी के लिए पिछले वर्ष की तरह डिजिटल क्रॉप सर्वे जारी रहेगा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,भोपाल। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए प्रदेश में अब तक लगभग 6.80 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें धान उत्पादक 6.77 लाख तथा मोटा अनाज उत्पादक 13 हजार किसान शामिल हैं। पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 10.88 लाख हेक्टेयर है।

किसान पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण और पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी को आवश्यक निर्देश दिए थे।


समय-सीमा में हो पंजीयन

अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों से चर्चा कर पंजीयन की स्थिति और तकनीकी समस्याओं की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर किसानों को पंजीयन में सुविधा उपलब्ध कराना तथा निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराना है।

विभाग के अनुसार, किसानों के पंजीयन के लिए विभिन्न माध्यमों से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसान 10 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।

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डिजिटल क्राप सर्वे की व्यवस्था यथावत

किसान के रकबे पर बोई गई फसल की जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल क्राप सर्वे की व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही रखी गई है। वहीं, राजस्व पट्टे, वन पट्टे तथा मंदिर और ट्रस्ट की भूमि के पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक आईडी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।

ऐसे रकबों का पंजीयन पूर्व की व्यवस्था के अनुसार पंजीयन केंद्र अथवा डीएसओ लॉग-इन के माध्यम से किया जा सकेगा।