• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल की ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार, 15 दिन का काम अब महज 3 घंटे में होगा, RKMP में बदलेगा मेंटेनेंस सिस्टम

भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों के संचालन को और अधिक तेज, सुचारू और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। रानी कमलापति (आ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 05 Jan 2026 08:23:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Jan 2026 08:23:14 PM (IST)
भोपाल की ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार, 15 दिन का काम अब महज 3 घंटे में होगा, RKMP में बदलेगा मेंटेनेंस सिस्टम
RKMP में बदलेगा मेंटेनेंस सिस्टम

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों के संचालन को और अधिक तेज, सुचारू और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। रानी कमलापति (आरकेएमपी) रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक व्हील टर्निंग मशीन की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 10.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस शेड का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कनेक्टिविटी कार्य पूरा होते ही मशीन को चालू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से भोपाल से संचालित एवं होकर गुजरने वाली ट्रेनों के व्हील मेंटेनेंस में लगने वाला समय और संसाधन दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। परिणामस्वरूप ट्रेनों की उपलब्धता और समयपालन में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इस शेड के सिविल निर्माण कार्य का दायित्व एम/एस एल.एन. पांठी को सौंपा गया है, जबकि इलेक्ट्रिकल (जी) से संबंधित निर्माण कार्य एम/एस मारर सैनफील्ड इंडिया लिमिटेड, भोपाल द्वारा किया जा रहा है।

तीन घंटे में एक व्हील की होगी रिपेयरिंग

अब तक ट्रेनों के पहियों के मेंटेनेंस के लिए कोचों को निशातपुरा वर्कशॉप भेजना पड़ता था, जहां इस प्रक्रिया में करीब 10-15 दिन का समय लग जाता था। कई बार समय पर मेंटेनेंस न होने से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता था। नई व्हील टर्निंग मशीन के शुरू होने के बाद यह पूरा काम आरकेएमपी स्टेशन पर ही हो सकेगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह ऑटोमेटिक मशीन है, जिससे जहां पहले एक हफ्ता लगता था, वहीं अब महज 3 घंटे में व्हील मेंटेनेंस संभव होगा। इससे ट्रेन टर्नअराउंड टाइम घटेगा और संचालन कहीं अधिक सुचारू बन सकेगा।


ट्रैक की वजह से हो रही देरी

रेलवे शेड्यूल के अनुसार इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) कोचों का व्हील मेंटेनेंस हर नौ महीने में किया जाता है, जबकि लिंके-हाफमैन-बुश (एलएचबी) और वंदे भारत कोचों में यह अवधि 18 महीने की होती है। ऐसे में भोपाल जैसे व्यस्त रेल मंडल के लिए यह मशीन बेहद अहम साबित होगी। हालांकि फिलहाल एक तकनीकी अड़चन सामने आई है। मशीन बनकर तैयार है, लेकिन उसे जोड़ने वाला ट्रैक अभी तैयार नहीं हो पाया है, जिसके कारण मशीन तक कनेक्टिविटी नहीं मिल सकी है और संचालन शुरू नहीं हो सका है।

नई व्हील टर्निंग मशीन व शेड के प्रमुख फायदे

पहले जहां व्हील की रिपेयरिंग में करीब 10-15 दिन लगते थे, अब वही काम सिर्फ 3 घंटे में पूरा होगा। कम समय में कोच फिट होने से ट्रेनें जल्दी सेवा में लौट सकेंगी, जिससे परिचालन अधिक सुचारू होगा। अब कोचों को बाहर भेजने की जरूरत नहीं होगी, सारा काम आरकेएमपी स्टेशन पर ही संभव होगा। ऑटोमेटिक मशीन से व्हील टर्निंग में गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। समय पर मेंटेनेंस से ट्रेन कैंसिलेशन और लेट-लतीफी की समस्या कम होगी। अधिक कोच उपलब्ध होने से यात्रियों को समयबद्ध और सुरक्षित यात्रा मिलेगी। कोचों को बाहर भेजने में होने वाला खर्च बचेगा, जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट कम होगी।

फरवरी तक शुरू होने की उम्मीद

शेड बनकर पूरी तरह तैयार है और ट्रैक निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि फरवरी तक ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद व्हील टर्निंग मशीन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अधिकांश ट्रेनों का व्हील मेंटेनेंस आरकेएमपी स्टेशन पर ही किया जाएगा। यह सुविधा न सिर्फ भोपाल रेल मंडल को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि यात्रियों को भी समय पर और सुरक्षित ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर यह भोपाल की रेल व्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। - शिवम त्रिवेदी, कोचिंग डिपो ऑफिसर

यह भी पढ़ें- जबलपुर में 'डिजिटल अरेस्ट'... 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को CBI अफसर बनकर धमकाया, बैंक मैनेजर और साइबर सेल ने बचाए पैसे