
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एक दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखने का मामला सामने आया है। ठगों ने महिला को इतना धमकाया कि वह बैंक में आरटीजीएस करने तक पहुंच गई। जब बैंक से उनकी बेटी को सूचना मिली तो वह मां को फोन लगा रही थी, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। इसके बाद साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक कल्याण संपत कालोनी में निवासरत बुजुर्ग महिला, बैंक में कार्यरत बेटी के साथ रहती है।
शनिवार को बेटी के बैंक जाने के बाद अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया, जिसमें कॉलर ने स्वयं को सीबीआई का अधिकारी बताया। महिला से कहा कि उसके बैंक खाते में धोखाधड़ी के छह करोड़ रुपया जमा होना बताकर नंबरों के वेरिफिकेशन के नाम पर महिला के खाते में उपलब्ध राशि को ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया। महिला को डराया कि किसी अन्य का फोन रिसीव ना करें।
ऐसे बैंक तक पहुंचाया महिला को, महिला से ठग द्वारा एटीएम की जानकारी मांगी गई, महिला ने बताया कि उसके पास नहीं है। इस पर ठग के दबाव में आकर बेटी से उसके एटीएम की फोटो मांगने के लिए कहा। बेटी मीटिंग में थी, इसलिए ज्यादा बात नहीं कर सकी। इस पर ठग ने महिला को बैंक जाकर आरटीजीएस करने और इस घटना के संबंध में किसी अन्य को नहीं बताने के लिए धमकाया। इस दौरान वीडियो कॉल चालू था।
इसके बाद महिला केनरा बैंक पहुंची और ब्रांच मैनेजर को चार लाख रुपये आरटीजीएस करने का बताया। मैनेजर ने उनके बेटे से बात की, वह भी बैंक में ही अधिकारी है। बेटे ने ब्रांच मैनेजर को मना किया और बहन को सूचना दी। साइबर सेल में बेटी द्वारा उप-पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह रघुवंशी से संपर्क किया और बताया कि मां फोन नहीं उठा रही है। इस पर निरीक्षक अंजू पटेल बैंक पहुंची, तो आरोपित ने रॉन्ग नंबर बोलकर फोन काट दिया। बुजुर्ग महिला द्वारा कोई राशि ठगों को ट्रांसफर नहीं की गई।
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