
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सीधे जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत विंध्य विकास पथ योजना के अंतर्गत 105 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को दो-लेन की जगह फोरलेन में तब्दील किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा इसकी विस्तृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है, जिसे शीघ्र ही राज्य कैबिनेट की बैठक में औपचारिक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
वर्तमान में सिंगल-लेन सड़क और अत्यधिक यातायात दबाव के कारण दमोह और कटनी से प्रयागराज पहुंचने में 10 से 11 घंटे का समय लगता है। दमोह से प्रयागराज की दूरी लगभग 370 किलोमीटर और कटनी से 270 किलोमीटर है। फोरलेन मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद वाहन बिना किसी बाधा के 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे कटनी से प्रयागराज का सफर मात्र 5 घंटे और दमोह से प्रयागराज की दूरी 6 घंटे में तय की जा सकेगी।
इसके साथ ही, दमोह और कटनी के बीच 105 किमी की दूरी तय करने में लगने वाला 3 से 4 घंटे का समय घटकर केवल 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। इस प्रोजेक्ट से महाकौशल के केंद्र जबलपुर और बुंदेलखंड के केंद्र सागर के बीच भी आवागमन सुगम होगा तथा भोपाल व इंदौर से सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
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इस महत्वपूर्ण फोरलेन परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 4,470 करोड़ रुपये तय की गई है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा संबंधी आगे की प्रशासनिक प्रक्रियाएं तुरंत शुरू कर दी जाएंगी।